multigrain flour
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वस्थ रहना किसी विकल्प से कम नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन चुका है. अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार और व्यायाम दोनों का साथ जरूरी है. अक्सर हम फिटनेस को शौक समझ लेते हैं, जबकि यह लंबी जिंदगी जीने की बुनियाद है. हमारी थाली में रोटी का खास स्थान होता है और ज्यादातर घरों में गेहूं के आटे की रोटी बनाई जाती है. लेकिन अगर आप अपने खानपान में थोड़ा बदलाव करें और मल्टीग्रेन आटा शामिल करें, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए कई गुना अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है.
मल्टीग्रेन आटा कई अनाजों का मिश्रण होता है, जो शरीर को अलग-अलग पोषक तत्व प्रदान करता है. यह सिर्फ स्वाद में ही बेहतर नहीं होता, बल्कि पाचन तंत्र को मजबूत बनाने, ऊर्जा बढ़ाने और संपूर्ण स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करता है. सही तरीके से तैयार किया गया मल्टीग्रेन आटा प्राकृतिक स्वाद और पोषण से भरपूर होता है, जिससे आपकी रोज़ की रोटी और भी हेल्दी बन जाती है.
किन अनाजों से बनता है पौष्टिक मल्टीग्रेन आटा?
सही अनुपात में अनाज मिलाकर तैयार किया गया आटा सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. आप घर पर भी इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं. इसके लिए निम्न सामग्री का उपयोग किया जा सकता है.
इन सभी अनाजों का अपना-अपना पोषण महत्व है. गेहूं ऊर्जा का अच्छा स्रोत है, ज्वार और बाजरा फाइबर से भरपूर होते हैं, रागी कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है, मक्का शरीर को ताकत देता है, सोयाबीन प्रोटीन प्रदान करता है और भुना चना पाचन में मदद करता है.
घर पर मल्टीग्रेन आटा कैसे तैयार करें
सबसे पहले सभी अनाजों को अच्छी तरह साफ कर लें ताकि उनमें कोई धूल या कचरा न रहे. यदि किसी अनाज में नमी हो तो उसे धूप में अच्छी तरह सुखा लें. इसके बाद चना, ज्वार, बाजरा और मक्का को हल्का भून लें. भूनने से इनका स्वाद निखरता है और पौष्टिकता भी बढ़ती है.
अब सभी अनाजों को एक साथ मिलाकर चक्की में पिसवा लें. ध्यान रखें कि आटा बहुत बारीक या बहुत मोटा न हो. पिसने के बाद इसे एयरटाइट डिब्बे में भरकर ठंडी और सूखी जगह पर रखें. इस तरह तैयार किया गया मल्टीग्रेन आटा लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और रोजाना उपयोग के लिए उपयुक्त होता है.