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धर्म

Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए उमड़े श्रद्धालु! प्रयागराज, काशी से लेकर हरिद्वार तक लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी, यहां देखें तस्वीरें

मौनी अमावस्या
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1. लाखों श्रद्धालुओं ने किए पवित्र स्नान
मौनी अमावस्या पर रविवार को संगम नगरी प्रयागराज, धार्मिक नगरी हरिद्वार और महादेव की नगरी काशी में आस्था का भव्य संगम देखने को मिला. कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह-सुबह लाखों की संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे और पवित्र स्नान किया. श्रद्धालुओं आस्था की डुबकी लगाने के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन में लीन रहे. गरीबों को दान किया.

संगम घाट
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2. संगम घाट पर पवित्र स्नान
माघ मेला का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान मौनी अमावस्या के दिन हजारों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे. रविवार सुबह घने कोहरे और ठंड के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं ने संगम घाट पर जाकर पवित्र स्नान किया. 

मौनी अमावस्या
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3. मौनी अमावस्या स्नान का है विशेष महत्व
हिंदू धर्मग्रंथों में मौनी अमावस्या स्नान का विशेष महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन 33 करोड़ देवी-देवता प्रयागराज आते हैं और पवित्र स्नान करते समय मौन व्रत रखते हैं, जो इस अनुष्ठान के आध्यात्मिक महत्व को बताता है.

श्रद्धालु
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4. रात से स्नान करने के लिए जुटने लगे थे श्रद्धालु
शनिवार रात 12 बजे से ही स्नान करने के लिए श्रद्धालु गंगा और संगम घाट पर आने लगे थे. देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि मौनी अमावस्या के पवित्र मौके पर हम संगम में पवित्र स्नान करने आए हैं.

मौनी अमावस्या
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5. हर-हर गंगे के लगाए जयकारे
प्रयागराज के ऐतिहासिक माघ मेले में रविवार को मौनी अमावस्या पर आस्था का सागर उमड़ पड़ा. तड़के से ही हजारों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाने लगे थे. श्रद्धालुओं ने संगम तट हर-हर गंगे के जयकारे लगाए. 

मौनी अमावस्या
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6. साधु-संतों ने भी लगाई आस्था की डुबकी 
संगम नगरी प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं के साथ साधु-संतों का भी जमावड़ा देखने को मिला. साधु-संतों ने भी आस्था की डुबकी लगाई. पूरी संगम नगरी भगवा रंग में रंगी नजर आई. 

मौनी अमावस्या
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संतों ने किए अनुष्ठान 
संगम नगरी प्रयागराज में रविवार को मौनी अमावस्या के मौके पर आस्था की डुबकी लगाने से पहले संतों ने अनुष्ठान किए.

महादेव की नगरी काशी
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7. काशी पहुंचे हजारों श्रद्धालु
मौनी अमावस्या के मौके पर महादेव की नगरी काशी में भी हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर पवित्र स्नान किया. हर-हर गंगे और हर-हर महादेव का जयकारे लगाए. दशाश्वमेध घाट से लेकर अस्सी घाट तक स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम जुटा रहा. श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान करने के बाद पूजा-पाठ किया. कई श्रद्धालु अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनकी शांति व कल्याण के लिए प्रार्थना करते हुए दिखे. 

हर की पौड़ी
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8. हर की पौड़ी में बही भक्ति की बयार
मौनी अमावस्या पर हजारों श्रद्धालु गंगा में पवित्र डुबकी लगाने, पूजा-पाठ करने और तर्पण करने के लिए धार्मिक नगरी हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी पहुंचे. श्रद्धालुओं में पवित्र स्नान को लेकर गजब का उत्साह देखा गया. हर तरफ भक्ति की बयार बहती दिखी.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
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9. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी मौनी अमावस्या के मौके पर संगम में स्नान करने के लिए पहुंचे थे. हालांकि पालकी पर सवार होकर संगम जाने से रोके जाने को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों और पुलिस के बीच हुई कथित धक्कामुक्की के बाद शंकराचार्य संगम स्नान किए बिना अपने शिविर लौट गए.

मौनी अमावस्या
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पूजा-अर्चना करतीं महिला श्रद्धालु
मौनी अमावस्या के मौके पर प्रयागराज स्थित संगम घाट पर  त्रिवेणी में स्नान करने के बाद पूजा-अर्चना करतीं महिला श्रद्धालु.