Basant Panchami 2022
Basant Panchami 2022
आज बसंत पंचमी है. बसंत पंचमी हिंदू कैलेंडर के अनुसार माघ महीने के पांचवें दिन मनाई जाती है और माना जाता है कि इसी दिन देवी सरस्वती पृथ्वी पर अवतरित हुईं थी. इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है. ऐसा माना जाता है कि यह मौसम पीले रंग से जुड़ा है और इसलिए बसंत पंचमी पर पीले रंग का खास महत्व है. पूजा के साथ-साथ इस दिन बनने वाले व्यंजनों को लेकर भी लोग उत्साहित रहते हैं. आज हम आपको इन खास पकवानों के बारे में बताने वाले हैं.
मीठे चावल: यह इस दिन घरों में बनाए जाने वाले सबसे लोकप्रिय व्यंजनों में से एक है. इसे केसर चावल या जर्दे के नाम से भी जाना जाता है. केसर के स्वाद वाले इस व्यंजन में चीनी और नट्स डाले जाते हैं. यह पकवान कटा हुआ किशमिश, काजू और हरी इलायची से भरा हुआ होता है. चमकीले पीले रंग के ये चावल न केवल देखने और खाने में अच्छे लगते हैं बल्कि बहुत सुगंधित भी होते हैं.
केसरी खीर: केसरी खीर एक मलाईदार दूध का हलवा है जिसे आम तौर पर सेवई या चावल के साथ बनाया जाता है. यह केसरी खीर पतले और छोटे दाने वाले सफेद चावल से बनाई जाती है. केसर डालने से यह मिठाई बहुत ही खूबसूरत दिखने लगती है. यह न केवल पकवान में एक मोहक पीला रंग जोड़ता है बल्कि एक खीर को सुगंधित भी बनाता है.
शीरा और पूरी: शीरा जिसे सूजी का हलवा के नाम से भी जाना जाता है, सबसे आम पारंपरिक भारतीय हलवा है जो सूजी, घी, चीनी काजू और किशमिश के साथ बनाया जाता है. इसे पकाते वक्त सूजी को घी में भूनकर, उसमें दूध या पानी मिलाया जाता है. इसके साथ ही इसमें चीनी और इलायची पाउडर भी डाला जाता है. बसंत पंचमी के मौके पर इसमें केसर डालकर इसे पीला रंग दिया जाता है. इसे गरमा गरम पूरी के साथ सर्व करें.
ढोकला: ढोकला सबसे स्वास्थ्यप्रद और स्वादिष्ट स्नैक्स में से एक है. ढोकला चावल और चना दाल के बैटर से तैयार किया जाता है. इसे स्पंजी और सॉफ्ट बनाने के लिए इसमें बेकिंग सोडा एड किया जाता है. यूं तो इसे पानी के भाप से तैयार किया जाता है लेकिन इसे माइक्रोवेव ओवन या प्रेशर कुकर में भी बनाया जा सकता है. पीले रंग के लिए एक चुटकी हल्दी या पीले रंग का प्रयोग करें. सरसों के बीज का तड़का मारकर इसे हरे धनिये और हरी मिर्च के साथ परोसें.
बूंदी लड्डू: यह गोलाकार मिठाई बेसन से बनी बूंदी को मिलाकर बनाई जाती है. बूंदी को पकाते समय और लड्डू को सजाने के लिए भी सफेद कस्तूरी तरबूज के बीज का उपयोग किया जाता है. सुनिश्चित करें कि आपकी चाशनी गाढ़ी नहीं है क्योंकि फिर बूंदी इसे सोख नहीं पाएगी. इससे बूंदी सख्त और रबड़ जैसी हो जाएगी जिससे आप लड्डू को चबा नहीं पाएंगे. बूंदी को सही से बांधना बहुत जरूरी है, नहीं तो लड्डू के प्रेमियों को उचित गोलाकार आकार नहीं मिलेगा.