scorecardresearch

प्रयागराज के गांवों में नवरात्रि की अनोखी परंपरा, पहले दिन से स्थापित होती हैं मां दुर्गा की प्रतिमाएं, पूरा गांव मिलकर करता है पूजा

प्रयागराज के गंगापार और यमुनापार क्षेत्र के कई गांवों में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन से ही दुर्गा पूजा शुरू हो गई है. कन्हैयापुर समेत ग्रामीण अंचलों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के सामने श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर रहे हैं.

Advertisement
Navratri Tradition Navratri Tradition

शारदीय नवरात्रि शुरू होते ही पूरे देश में मां दुर्गा की आराधना की धूम नजर आने लगी है. देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना हो रही है और शहरों में सज रहे भव्य दुर्गा पूजा पंडालों में जल्द ही मां की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी. लेकिन संगम नगरी प्रयागराज के ग्रामीण अंचलों में नवरात्रि मनाने की परंपरा कुछ अलग और खास है. यहां कई गांवों में नवरात्रि के पहले दिन से ही मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू कर दी जाती है.

ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गांव की एकता और सामूहिक भागीदारी का भी प्रतीक है. गांव में कई स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं. इसके बाद हर दिन गांव के लोग एक साथ जुटकर पूजा-पाठ और आरती करते हैं. खास बात यह है कि इस आयोजन में किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे गांव की भागीदारी दिखाई देती है. गांव का हर व्यक्ति मां की आराधना में अपनी भूमिका निभाता है.

नवरात्रि के दौरान उत्सव जैसा माहौल
प्रयागराज के गंगापार और यमुनापार क्षेत्र के कई गांवों में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन से ही दुर्गा पूजा शुरू हो गई है. कन्हैयापुर समेत ग्रामीण अंचलों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के सामने श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर रहे हैं. गांवों में नवरात्रि के दौरान उत्सव जैसा माहौल रहता है और शाम होते ही आरती के समय ग्रामीण एकत्र होकर मां का जयकारा लगाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से गांव में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर शारदीय नवरात्रि का पर्व मनाते आ रहे हैं. इसके पीछे उनकी कामना है कि मां दुर्गा की कृपा से गांव, देश और सभी परिवारों में सुख-समृद्धि बनी रहे. इसी आस्था के साथ गांव के लोग मिलकर पूजा की व्यवस्था करते हैं और पूरे नौ दिनों तक धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं.

गांवों में लगता है आस्था का मिनी मेला
प्रयागराज में बड़े और भव्य दुर्गा पूजा पंडालों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में पूजा आयोजन होते हैं. इनमें से कई आयोजन गांव तक ही सीमित रहते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए ये किसी छोटे मेले से कम नहीं होते.

पंडाल दुर्गा पूजा का आकर्षण होते हैं
भले ही यहां शहरों जैसी भारी भीड़ न जुटती हो, लेकिन गांव के लोगों का उत्साह और आपसी जुड़ाव देखते ही बनता है. शहरों में जहां भव्य सजावट और बड़े पंडाल दुर्गा पूजा का आकर्षण होते हैं, वहीं ग्रामीण अंचलों में सामूहिक पूजा, आपसी सहयोग और वर्षों से चली आ रही परंपराएं इस पर्व को खास बनाती हैं.मां दुर्गा की आराधना के बहाने पूरा गांव एकजुट होता है और शारदीय नवरात्रि को श्रद्धा, विश्वास और भाईचारे के साथ मनाता है.