Akshaya Tritiya 2026
Akshaya Tritiya 2026
अक्षय तृतीया इस बार काफी विशेष होने वाली है. इस दिन कई शुभ संयोग और राजयोग बन रहे हैं. ये दिन अबूझ मुहूर्त का दिन माना जाता है. अक्षय तृतीया जीवन में नई शुरुआत और समृद्धि के सबसे शुभ अवसर में से एक माना जाता है. इस समय किए गए कामों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है और सफलता के योग मजबूत होते हैं. चाहे विवाह हो, निवेश हो या नया व्यवसाय, ये दिन हर दिशा में शुभ फल देने वाला माना जाता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है.
100 साल बाद महासंयोग-
यूं तो ये दिन इतना शुभ माना जाता है कि ये पूरा दिन मुहूर्तमय होता है. यानी ये दिन अबूझ मुहूर्त वाला दिन है. इस दिन बिना मुहूर्त के आप सब कार्य कर सकते हैं. लेकिन इस बार तो अक्षय तृतीया 100 साल बाद महासंयोगों में आ रही है. इस बार अक्षय तृतीया पर एक ही दिन में कम से कम 7 शुभ योग बन रहे हैं. आयुष्मान् योग, सौभाग्य योग, गजकेसरी योग, त्रिपुष्कर योग, रवि योग, मालव्य राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग शामिल हैं. साथ ही अक्षय तृतीया पर शश योग और पंचमहापुरुष राजयोग का भी संयोग बन रहा है.
अक्षय तृतीया का पौराणिक महत्व-
अक्षय तृतीया को युगादि तिथि भी कहा जाता है, क्योंकि इसी दिन से सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ हुआ था. इसी दिन मां गंगा का धरती पर आगमन हुआ. अक्षय तृतीया पर परशुराम जयंती मनाई जाती है. भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी का प्राकट्य हुआ था. इसी दिन पांडवों को सूर्यदेव से कभी न खत्म होने वाला अक्षय पात्र प्राप्त हुआ. इसी दिन सुदामा और कृष्ण दोनों परम मित्रों का मिलन हुआ था. द्वारका पहुंचे सुदामा की दो मुट्ठी चावल की भेंट के बदले कृष्ण ने उन्हें असीम वैभव दिया.
अक्षय तृतीया पर बन रहा अत्यंत शुभ मुहूर्त-
तो इस साल अक्षय तृतीया पर बनने वाले विशिष्ट योग इस दिन को धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक और आर्थिक रुप से अत्यंत शुभ बना रहे हैं. कहते हैं कि इन सभी योगों के दुर्लभ मिलन के दौरान किए गए कार्यों का फल तीन गुना प्राप्त होता है. अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना बेहद फलदायी होता है. मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने से निरंतर वृद्धि होती है. अक्षय तृतीया का पौराणिक महत्व बहुत ज्यादा है.
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