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Love Life and Astrology: छोटी-छोटी बातों पर होने लगते हैं झगड़े? प्रेम संबंधों में आने वाली बाधा के पीछे किस ग्रह का होता है हाथ, जानें समाधान

कई बार लाख कोशिशों के बाद भी प्रेम संबंध या फिर वैवाहिक जीवन में कलह और दूरियां बढ़ने लगती हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे कुंडली में ग्रहों का बड़ा हाथ होता है. सही उपायों को आजमा कर रिश्ते को खुशहाल किया जा सकता है.

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प्यार एक ऐसा खूबसूरत एहसास है, जिसमें इंसान खुद का नहीं रहता, बल्कि पूरी तरह अपने पार्टनर का हो चुका होता है. इतने गहरे प्रेम के बावजूद अगर रिश्ते में क्लेश और लड़ाई-झगड़े होने लगें, तो दिल टूट जाता है. इंसान हर कोशिश करता है कि सब ठीक हो जाए, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी रिश्ता ठीक नहीं होता.

छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होने लगते हैं, जिसके कारण गलतफहमियों के चलते आपस में दूरियां बढ़ने लगती हैं. कुछ लोगों की शादी की बात बनते-बनते बिगड़ जाती है. ज्योतिष शास्त्र में इन स्थितियों के पीछे कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति को भी एक बड़ी वजह माना जाता है. ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, आकर्षण और वैवाहिक सुख का कारक माना गया है. इसके अलावा मंगल, राहु और शनि की स्थिति भी रिश्तों पर असर डालती है. आइए जानते हैं कि किस ग्रह की वजह से प्रेम संबंधों में परेशानी आती है और ज्योतिष में इसके लिए क्या उपाय बताए गए हैं.

शुक्र ग्रह कमजोर होने पर आती हैं प्रेम में दूरियां
ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, सुंदरता, आकर्षण और दांपत्य सुख का कारक ग्रह माना जाता है. कुंडली में शुक्र कमजोर या पीड़ित होने पर व्यक्ति को प्रेम संबंधों में संतुष्टि मिलने में परेशानी होती है. रिश्ते में आकर्षण कम होने लगता है, साथी के साथ तालमेल नहीं बैठ पाता और बार-बार मनमुटाव होने लगता है. ये इसके संभावित संकेत माने जाते हैं.

उपाय- शुक्र को मजबूत करने के लिए शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें. सफेद रंग की मिठाई या चावल का दान करें. रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए बातचीत और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना शुरू कर दें.

गुस्सा और विवाद का कारण है मंगल का कमजोर होना
मंगल को ऊर्जा, साहस और आक्रामकता का कारक माना जाता है. कुंडली में मंगल की कमजोर या अशुभ स्थिति होने पर व्यक्ति के स्वभाव में गुस्सा और जल्दबाजी बढ़ जाती है. इसका असर निजी जिंदगी से लेकर प्रेम संबंधों पर भी पड़ता है. छोटी-छोटी बातों पर बहस होने लगती है. इंसान गलत फैसले लेने लगता है, जिससे मानसिक दूरियां आने लगती हैं.

उपाय- मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें. गुस्से पर नियंत्रण रखने के लिए ध्यान लगाना शुरू करें और तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचने की कोशिश करें.

गलतफहमियों का कारक बनता है राहु
राहु को भ्रम, असमंजस और अचानक होने वाले बदलावों के लिए जिम्मेदार माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, राहु की अशुभ स्थिति प्रेम संबंधों में शक, गलतफहमी और भरोसे की कमी पैदा करती है. कई बार व्यक्ति बिना पूरी बात जाने ही साथी पर संदेह करने लगता है.

उपाय- शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काले तिल या कंबल का दान करें. इसके साथ ही रिश्ते में किसी भी तरह का संदेह होने पर खुलकर आपस में बातचीत करें.

शनि भी हो सकते हैं कारण
शनि कर्म, अनुशासन और धैर्य के कारक ग्रह हैं. कुंडली में शनि की प्रतिकूल स्थिति होने पर प्रेम संबंधों में देरी, दूरी और जिम्मेदारियों का दबाव देखने को मिलता है. विवाह की बात बनने में रुकावट या रिश्ते को आगे बढ़ाने में परेशानी भी महसूस हो सकती है.

उपाय- शनिवार को शनि देव की पूजा करें और जरूरतमंद लोगों की सहायता करें. रिश्ते में धैर्य रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें.

गुरु ग्रह भी निभाता है अहम भूमिका
गुरु को ज्ञान, समझदारी, विवाह और वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है. खासकर महिलाओं की कुंडली में गुरु को पति और वैवाहिक सुख प्रदान करने वाला ग्रह माना गया है. गुरु की कमजोर स्थिति से विवाह में देरी या सही जीवनसाथी चुनने में परेशानी आती है.

उपाय- गुरु को मजबूत करने के लिए गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें. पीली वस्तुओं का दान करना और बड़ों का सम्मान करना शुरू कर दें.
 

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