रवि पुष्य नक्षत्र
रवि पुष्य नक्षत्र
नवंबर महीने की शुरुआत ही एक बेहद शुभ ज्योतिषीय संयोग के साथ हो रही है. 1 नवंबर, रविवार को रवि पुष्य नक्षत्र का बड़ा अच्छा संयोग बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र में सभी 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ माना जाता है. वहीं, जब यह रविवार के दिन पड़ता है तो सोने पर सुहागा हो जाता है, जिससे रवि पुष्य योग बनता है. इस संयोग को खरीदारी, नए काम की शुरुआत और निवेश के लिए फलदायी कहा गया है. मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई चीजों से घर में सुख-समृद्धि और स्थिरता लाती है. ऐसे में अगर आप सोना-चांदी खरीदने, वाहन लेने, मकान की रजिस्ट्री कराने या कारोबार में पैसा लगाने की योजना बना रहे हैं, तो इस दिन के शुभ समय और इससे जुड़ी मान्यताओं के बारे में जान लीजिए.
कब से कब तक रहेगा रवि पुष्य नक्षत्र?
दरअसल रवि पुष्य नक्षत्र 1 नवंबर को सुबह 5 बजकर 41 मिनट से पुष्य नक्षत्र शुरू होगा, जो 2 नवंबर की सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग 1 नवंबर को सुबह 6 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर 2 नवंबर की सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा.
इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा गोधूलि मुहूर्त शाम 5 बजकर 36 मिनट से 6 बजकर 2 मिनट रहेगा. यह समय शुभ कार्य करने के लिए एकदम योग्य है. जो कुछ भी खरीदेंगे इस टाइम वह घर में शुभ बनकर आएगा.
रवि पुष्य नक्षत्र में क्या खरीदना माना जाता है शुभ?
पुष्य नक्षत्र में सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है. इस दिन आप सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के और नए बर्तन खरीदने से घर में बरकत आती है. इसके अलावा वाहन, मकान, जमीन और प्लॉट में निवेश करने के लिए भी इस संयोग को अच्छा माना जाता है.
नया कारोबार शुरू करने के लिए भी खास दिन
ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, रवि पुष्य योग में नया कारोबार शुरू करना, दुकान खोलना, व्यापार से जुड़ा नया समझौता करना और नए बही-खाते बनाना शुभ माना जाता है. इस दिन मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान या कारोबार में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी लोग खरीदते हैं.
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