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Ayodhya Ram Temple: फिर इतिहास रचने जा रहा अयोध्या, एक साथ 8 देवालयों में होगी प्राण प्रतिष्ठा

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में एक साथ 8 देवालयों की प्राण प्रतिष्ठा होगी. मंदिर परिसर में तीन दिवसीय महाआयोजन होगा. 2 जून को सरयू जल कलश यात्रा निकाली जाएगी. इस भव्य आयोजन को एलईडी स्क्रीन के माध्यम से देखा जा सकेगा.

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Ayodhya Ram Temple Ayodhya Ram Temple

अयोध्या श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है. भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में तीन दिवसीय महाआयोजन की घोषणा की गई है, जिसकी शुरुआत 2 जून को सरयू जल कलश यात्रा से होगी और तीन जून से पांच जून तक भव्य अनुष्ठान चलेगा.

एक साथ आठ देवालयों में प्राण प्रतिष्ठा-
तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने बताया कि मंदिर परिसर के आठों नव निर्मित देवालयों में एक साथ, एक ही समय पर कैमरा और स्क्रीन की मदद से सामूहिक प्राण प्रतिष्ठा होगी. इस अनोखी पहल का उद्देश्य पूजन की एकरूपता और समरसता बनाए रखना है.


कहां-कहां होगी पूजा-
अयोध्या के राम मंदिर में तीन दिवसीय महायोजन में मंदिर परिसर के आठों नवनिर्मित देवालयों में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इस भव्य आयोजन को एलईडी स्क्रीन के माध्यम से देखा जा सकेगा. चलिए आपको बताते हैं कि कहां-कहां पूजा होगी और किसकी प्रतिमाएं स्थापित होंगी. 

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  • उत्तर मध्य में मां अन्नपूर्णा
  • मुख्य मंदिर प्रथम तल पर श्रीराम दरबार
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समारोह की तिथियां और समय-
चंपत राय ने बताया कि 2 जून को सबसे पहले सरयू जल कलश यात्रा निकाली जाएगी. पूजन विधि का नेतृत्व काशी के विद्वान आचार्य जयप्रकाश करेंगे. चलिए आपको समारोह की तिथियां और समय बताते हैं.

  • 2 जून को सरयू जल कलश यात्रा, शाम 4 बजे, पुराने पुल के पूर्वी तट से प्रारंभ
  • 3 जून से 5 जून तक त्रिदिवसीय पूजा-अनुष्ठान, प्रातः 6:30 से शाम तक
  • 5 जून को प्राण प्रतिष्ठा ठीक 11:25 बजे
  • सभी अनुष्ठान दोपहर 1 बजे तक पूर्ण होंगे

पूरे परिसर में कैमरे व स्क्रीन से जुड़े रहेंगे सभी मंदिर-

श्रद्धालुओं को यह भव्य दृश्य एक साथ देखने को मिलेगा. कैमरों और एलईडी स्क्रीन के ज़रिए हर मंदिर एक-दूसरे से जुड़ा रहेगा, जिससे पूजन विधि की एकरूपता बनी रहे.

पूजन विधि संभालेंगे काशी के आचार्य जय प्रकाश-
चंपत राय ने बताया कि पूजन विधि का नेतृत्व काशी के विद्वान आचार्य जय प्रकाश करेंगे, जो 5 अगस्त 2020 और 22 जनवरी 2024 के महाअनुष्ठानों का भी हिस्सा रहे हैं. उनके साथ बस्ती के अमरनाथ सहित देश भर के ऋत्विक मौजूद रहेंगे.

श्रीराम दरबार के दर्शन सीमित संख्या में होंगे. प्रारंभिक योजना के अनुसार हर घंटे 50 श्रद्धालुओं को पास जारी किए जाएंगे. दर्शन की अंतिम तिथि व संख्या को लेकर ट्रस्ट में अभी मंथन जारी है.

(मयंक शुक्ला की रिपोर्ट)

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