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7 दिन के भव्य श्री पुरुषोत्तम मास महोत्सव का आयोजन, देश-विदेश से जुड़े श्रद्धालु

राम नगरी अयोध्या में 28 मई से 3 जून तक भव्य श्री पुरुषोत्तम मास महोत्सव का आयोजन हो रहा है. इसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंच चुके हैं. इस दौरान रोजाना दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक श्रीमद्भागवत का आयोजन हो रहा है.

Purushottam Mass festival Purushottam Mass festival

रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भक्ति, आध्यात्म और सनातन संस्कृति की अलौकिक आभा में सराबोर हो उठी है. विश्व शांति, राष्ट्र समृद्धि और जनकल्याण के संकल्प के साथ बड़ा भक्तमाल की बगिया स्थित श्री झालरिया मठ में 28 मई से 3 जून तक भव्य श्री पुरुषोत्तम मास महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. सात दिवसीय इस दिव्य आयोजन में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने चुके है.

भव्य कलह यात्रा के साथ शुरुआत-
महोत्सव का शुभारंभ मंगलवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ. श्रद्धालुओं की आस्था, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा. विधिवत हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो चुकी है.

जगद्गुरु झालरिया पीठाधिपति घनश्यामाचार्य के सानिध्य में आयोजित इस महोत्सव में 225 कुंडीय श्री महालक्ष्मी महायज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा, 108 श्रीमद्भागवत पाठ, श्री कल्याणोत्सव, सहस्र कलशाभिषेक और लक्षार्चना महोत्सव जैसे भव्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे.

रोजाना दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक कथा-
प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 7 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा, जिसमें ध्रुव चरित्र, नृसिंह अवतार, श्रीरामावतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गिरिराजधरण लीला, रास पंचाध्यायी, सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष जैसे प्रेरणादायक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है. कथा वाचन युवराज द्वारा किया जा रहा है.

विश्व शांति का संदेश-
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में विश्व स्तर पर युद्ध और अशांति का माहौल बना हुआ है. ऐसे दौर में यह महोत्सव विश्व शांति, मानव कल्याण और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देगा.

विशेष बात यह है कि इस आयोजन में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी मारवाड़ी समाज के श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं. आयोजकों के अनुसार पुरुषोत्तम मास महोत्सव की परंपरा लगभग 300 वर्ष पुरानी है और इससे पहले तिरुपति, बद्रीनाथ तथा चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी इसका आयोजन हो चुका है.

राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या देशभर के धार्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरी है. शहर में हुए व्यापक विकास कार्यों के चलते श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. बाहर से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए करीब 4000 कमरों की व्यवस्था आरक्षित की गई है. आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से पूर्व सूचना देकर आवास व्यवस्था सुनिश्चित कराने की अपील की है.

(मयंक शुक्ला की रिपोर्ट)

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