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Ram Mandir CEO Vacancy: अब राम मंदिर को मिलेगा सीईओ, निकाली गई पद की वैकेंसी... सैलरी, बंगला, कार के अलावा और क्या मिलेगा?

राम मंदिर ट्रस्ट ने फैसला लिया है कि मंदिर संचालन के लिए अब सीईओ को रखा जाएगा. जो कई जिम्मेदारियों को संभालेगा. इस पद पर रखे जाने वाले व्यक्ति को मिलने वाली सुविधाएं किसी बड़ी कंपनी के सीईओ जैसी ही होंगी.

कौन बनेगा राम मंदिर का CEO कौन बनेगा राम मंदिर का CEO

अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर के संचालन को और बेहतर बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है. ट्रस्ट पहली बार मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति करेगा. यह पद पूरी तरह फुल-टाइम होगा और इसका मकसद मंदिर के कामकाज को लेटेस्ट और सिस्टेमेटिक तरीके से चलाना है. अब तक मंदिर का संचालन ट्रस्ट और अन्य अधिकारियों के जरिए किया जाता था, लेकिन अब एक CEO पूरे प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगा.

क्या होगी CEO की जिम्मेदारी?

राम मंदिर के CEO की जिम्मेदारी सिर्फ ऑफिस तक लागू नहीं होगी. उन्हें पूरे मंदिर परिसर के कामकाज पर नजर रखनी होगी. हर दिन बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की अच्छी व्यवस्था करना, सुरक्षा को मजबूत रखना और मंदिर में चल रहे सभी जरूरी कामों की निगरानी करना उनकी जिम्मेदारी होगी.

इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट के फंड, दान और अन्य फाइनेंशियल कामों पर भी CEO की नजर रहेगी. इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि हर काम सही तरीके से हो और जरूरत के अनुसार नए विकास कार्य समय पर पूरे हों.

सैलरी के साथ मिलेंगे कई पर्क

यह एक जिम्मेदारी वाला पद है, इसलिए इसके साथ कई सुविधाएं भी दी जाएंगी. ट्रस्ट की ओर से CEO को अच्छी मंथली सैलरी मिलेगी. यह सैलरी बड़े सरकारी अधिकारियों या बड़ी कंपनियों के सीनियर अधिकारियों के बराबर हो सकती है.

सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि अयोध्या में रहने के लिए एक बड़ा और कई सेवाओं वाला बंगला भी मिलेगा. इस आवास में कैंप ऑफिस और सुरक्षा कर्मचारियों के रहने की भी व्यवस्था भी होगी.

कामकाज के लिए गाड़ी, ड्राइवर और सुरक्षा गार्ड भी दिए जाएंगे. इसके अलावा मेडिकल सेवा, ट्रैवल अलाउंस, फोन और इंटरनेट जैसी जरूरत की कई सुविधाएं पैकेज का हिस्सा बनेंगी.

कौन बन सकता है राम मंदिर का CEO?

ट्रस्ट के इस पद के लिए अनुभवी व्यक्ति की तलाश कर रहा है. उम्मीदवार के पास लंबे समय तक प्रशासनिक काम करने का अनुभव होना चाहिए. साथ ही वह हिंदू धर्म को मानता हो और उसका रिकॉर्ड पूरी तरह साफ हो. ट्रस्ट ऐसे व्यक्ति को चुनना चाहता है जो बड़ी जिम्मेदारी को सही तरीके से संभाल सके.

खर्च कहां से आएगा?

CEO की सैलरी और सभी सुविधाओं का खर्च सरकार नहीं उठाएगी. यह पूरा खर्च श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपने फंड से देगा. ट्रस्ट के पास देश और विदेश से मिले दान का बड़ा फंड है, जिससे इस व्यवस्था को चलाया जाएगा.

राम मंदिर में CEO की नियुक्ति का फैसला इस बात का इशारा है कि ट्रस्ट अब  पेशेवर तरीके से मंदिर का संचालन करना चाहता है. इससे मंदिर के कामकाज में और ज्यादा व्यवस्था आएगी. साथ ही अयोध्या आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और आसान दर्शन का लाभ मिलने की उम्मीद है.