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राम मंदिर में पुजारियों की कमी, 60 अर्चकों की जरूरत, चल रहा भर्ती प्रोसेस

राम मंदिर विस्तार के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है. इसे देखते हुए प्रशासन व्यवस्थाओं को अब और मजबूत बनाने पर जोर दे रहा है. श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अब अर्चकों यानी पुजारियों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है, ताकि मंदिर परिसर में नियमित पूजा-अर्चना सुचारु रूप से चल सके.

Ayodhya Ram Temple (Photo/PTI) Ayodhya Ram Temple (Photo/PTI)

रामलला की एक झलक पाने के लिए दूर-दूर से भक्त अयोध्या खिंचे चले आते हैं. इन्हीं भक्तों और भगवान के बीच सेतु का काम अर्चक करते हैं, जो विधि-विधान से रामलला की सेवा और पूजन अर्चन करते हैं. मौजूदा समय में मंदिर परिसर में कुल 20 अर्चक सेवारत हैं, जिनमें चार वरिष्ठ पुजारी शामिल हैं. ये सभी रामलला और राम परिवार की दैनिक सेवा के साथ-साथ पूरक मंदिरों की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं. लेकिन राम मंदिर विस्तार के साथ ही अब और पुजारियों की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना सुचारु रूप से चल सके.

60 पुजारियों की जरूरत-
सात पूरक मंदिरों, शेषावतार मंदिर और कुबेर टीले पर स्थित कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में नियमित पूजा के लिए अब करीब 60 पुजारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है. मौजूदा व्यवस्था के तहत सुबह और शाम 2 पालियों में सेवा संचालित की जा रही है. पांच-पांच पुजारियों की टीम रामलला की सेवा में कार्यरत हैं, जबकि बाकी पुजारी पूरक मंदिरों में पूजन-अर्चन करते हैं.

पुजारियों की नियुक्ति का प्रोसेस तेज-
पुजारियों की कमी के चलते कई अनुष्ठानों में रामनगरी के दूसरे मंदिरों के अर्चकों की सहायता लेनी पड़ रही है. लिहाजा अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पुजारियों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है. हालांकि इससे पहले मंदिर निर्माण के बाद ट्रस्ट ने आवेदन लेकर 20 पुजारियों को 6 माह का प्रशिक्षण दिलाया था. इन्हीं प्रशिक्षित पुजारियों में से 16 की भर्ती 2 चरणों में की गई थी. 

लेकिन मंदिर विस्तार के साथ ही राम मंदिर परिसर में पुजारियों की कमी महसूस की जा रही है. ट्रस्ट ने पहले भी वेदपाठी ब्राह्मणों से आवेदन मंगाकर साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी की थी, लेकिन नियुक्तियां नहीं हो सकी थीं. अब 13 अप्रैल से पूरक मंदिरों में दर्शन शुरू हो गए हैं, यहां विराजमान देवताओं की नियमित सेवा सुनिश्चित करने के लिए ट्रस्ट ने नए अर्चकों की भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है.

बताया जा रहा है कि रामनगरी के ही अनुभवी अर्चकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पहले से अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं.

(मयंक शुक्ला की रिपोर्ट)

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