Lord Shri Krishna and Shankar
Lord Shri Krishna and Shankar
फाल्गुन का महीना हिंदू पंचांग का अंतिम महीना है. इस महीने की पूर्णिमा को फाल्गुनी नक्षत्र होने के कारण इस महीने का नाम फाल्गुन है. इस महीने को आनंद और उल्लास का महीना कहा जाता है. इस महीने से धीरे-धीरे गर्मी की शुरुआत होती है और सर्दी कम होने लगती है. बसंत का प्रभाव होने से इस महीने में प्रेम और रिश्तों में बेहतरी आती जाती है. इस महीने से खान-पान और जीवनचर्या में जरूर बदलाव करना चाहिए. मन की चंचलता को नियंत्रित करने के प्रयास करने चाहिए. इस बार फाल्गुन मास 2 फरवरी से शुरू होकर 3 मार्च 2026 तक रहेगा. फाल्गुन महीना महादेव और भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होता है.
फाल्गुन माह में पड़ते हैं ये व्रत और त्योहार
फाल्गुन शुक्ल अष्टमी को मां लक्ष्मी और मां सीता की पूजा का विधान है. फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव की उपासना का महापर्व शिवरात्री भी मनाई जाती है. फाल्गुन में ही चन्द्रमा का जन्म भी हुआ था, अतः इस महीने में चन्द्रमा की भी उपासना होती है. फाल्गुन में प्रेम और आध्यात्म का पर्व होली भी मनाई जाती है. इसी महीने में दक्षिण भारत में उत्तिर नामक मंदिरोत्सव भी मनाया जाता है.
फाल्गुन में किस देवता की करनी चाहिए उपासना
फाल्गुन महीने में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा उपासना विशेष फलदायी होती है. इस महीने में बाल कृष्ण, युवा कृष्ण और गुरु कृष्ण तीनों ही स्वरूपों की उपासना की जा सकती है. संतान के लिए बाल कृष्ण की पूजा करें. प्रेम और आनंद के लिए युवा कृष्ण की उपासना करें. ज्ञान और वैराग्य के लिए गुरु कृष्ण की उपासना करें. इस महीने भगवान शंकर की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.
फाल्गुन के महीने में किन बातों का रखें ख्याल
इस महीने में प्रयास करके शीतल या सामान्य जल से स्नान करें. भोजन में अनाज का प्रयोग कम से कम करें. अधिक से अधिक फल खाएं. कपड़े ज्यादा रंगीन और सुन्दर धारण करें. सुगंध का प्रयोग करें. नियमित रूप से भगवान कृष्ण की उपासना करें. पूजा में फूलों का खूब प्रयोग करें. इस महीने में नशीली चीजों और मांस-मछली के सेवन से परहेज करें. फाल्गुन के महीने में भगवान कृष्ण की नियमित पूजा करनी चाहिए. उन्हें पूरे महीने अपने मनपसंद रंग का गुलाल अर्पित करना चाहिए. इससे तमाम तरह की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.