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Bhajan Clubbing and Jamming: आधुनिक दौर में बदला भक्ति का माध्यम, भजन क्लबिंग और जेमिंग से सनातन और आध्यात्म से जुड़ रहे Gen-Z

Gen-Z: जेनजी ने भजन क्लबिंग के जरिए भक्ति को आधुनिक संगीत के साथ जोड़कर एक नया ट्रेंड शुरू किया है. यह युवाओं को आध्यात्मिकता से जोड़ने का अनोखा प्रयास है.

Rise of Bhajan Clubbing and Jamming Among Gen Z Rise of Bhajan Clubbing and Jamming Among Gen Z

भजन क्लबिंग, जिसे भजन जामिंग भी कहा जाता है, आजकल युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यह पारंपरिक भजन कीर्तन का एक आधुनिक रूप है, जिसमें युवा एकत्रित होकर भक्ति गीतों को नए अंदाज में प्रस्तुत करते हैं. दिल्ली, गुरुग्राम, लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों में भजन क्लबिंग के कार्यक्रमों में Gen-Z झूमते और गाते नजर आते हैं. यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है, जहां भजन क्लबिंग की रील्स और वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं.

आधुनिकता और भक्ति का संगम
केशवम डिवोशनल रॉक बैंड के लवी शीतल, प्रकृति, आचार्य राज मिश्रा और लेस्ली त्रिपाठी ने बताया कि भजन क्लबिंग में पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत के साथ जोड़ा जाता है. इसमें गिटार, पियानो, ड्रम्स और इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंट्स का उपयोग किया जाता है, जो युवाओं को आकर्षित करता है. केशवम बैंड के लीड सिंगर्स लवी शीतल और प्रकृति ने बताया कि उनका उद्देश्य भक्ति को युवाओं के दिलों तक पहुंचाना है. लवी ने कहा, भाव वही है, बस तरीका बदल गया है. प्रकृति ने भी साझा किया कि उनके कार्यक्रमों में युवा बड़ी संख्या में भाग लेते हैं और भजन क्लबिंग को खूब पसंद करते हैं.

प्रधानमंत्री की तारीफ और सामाजिक जुड़ाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केशवम बैंड की तारीफ अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में की, जिससे बैंड को और अधिक पहचान मिली. बैंड के सदस्यों ने बताया कि उनके परिवार और दोस्तों ने इस उपलब्धि पर गर्व महसूस किया. भजन क्लबिंग न केवल युवाओं को आध्यात्मिकता से जोड़ रहा है, बल्कि यह परिवारों के बीच भी एक नया जुड़ाव पैदा कर रहा है. लवी ने कहा, भजन क्लबिंग एक ऐसा मंच है, जहां पेरेंट्स और बच्चे साथ में भक्ति का आनंद ले सकते हैं.

भजन क्लबिंग का प्रभाव
भजन क्लबिंग ने युवाओं को तनाव और स्ट्रेस से राहत देने का एक नया तरीका प्रदान किया है. अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लेस्ली त्रिपाठी ने कहा, यह ट्रेंड युवाओं को शांति और सुकून प्रदान करता है. उन्होंने बताया कि भजन क्लबिंग के दौरान संस्कृत मंत्रों और भक्ति गीतों की गूंज से एक सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है.

भविष्य की दिशा
भजन क्लबिंग ने यह साबित कर दिया है कि आध्यात्मिकता और आधुनिकता का संगम संभव है. यह ट्रेंड न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय हो रहा है.'केशवम' बैंड के सदस्यों ने बताया कि वे भजन क्लबिंग को और अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं. राज मिश्रा ने कहा कि जेनजी का यह प्रयास समाज को जोड़ने वाला है. उन्होंने यह भी कहा कि भजन क्लबिंग ने युवाओं को धर्म और आध्यात्मिकता से जोड़ने का एक नया रास्ता दिखाया है. जेनजी का सनातन जेमिंग सेलिब्रेशन यह दर्शाता है कि भक्ति और भजन का स्वरूप समय के साथ बदल सकता है, लेकिन उसका सार हमेशा वही रहता है. यह ट्रेंड युवाओं को आध्यात्मिकता से जोड़ने का एक अनोखा प्रयास है, जो आने वाले समय में और अधिक लोकप्रिय होगा. यह ट्रेंड न केवल युवाओं को इस्कॉन मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों की ओर आकर्षित कर रहा है, बल्कि माता-पिता और बच्चों के बीच के संबंधों को भी मजबूत कर रहा है.