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Ganesh Chaturthi: जालना में ₹2 करोड़ की चांदी की गणपति मूर्ति बनी भक्तों का आकर्षण.. आया श्रद्धालुओं का सैलाब

जालना में एक ऐसी गणेश मूर्ति की स्थापना की गई है, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है. इस मूर्ति के उपर सोना-चांदी लगा हुआ है. साथ ही इसका वजन 108 किलो है.

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गणपति बप्पा मौर्य के जयकारों के साथ महाराष्ट्र के जालना में इस साल गणेश चतुर्थी का उत्सव भव्यता से मनाया जा रहा है. इस उत्सव का मुख्य आकर्षण अनोखा गणेश मंडल में स्थापित 108 किलो वजनी चांदी के गणपति बप्पा की मूर्ति है. इस मूर्ति की कीमत लगभग 2 करोड़ रुपए है और इसे सोने और चांदी की परत से सजाया गया है. भक्तों के बीच यह मूर्ति कौतुहल और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है.

भव्य मूर्ति का विवरण
अनोखा गणेश मंडल में स्थापित इस मूर्ति का वजन 108 किलो है और इसे चांदी से बनाया गया है. मूर्ति पर सोने और चांदी की परत चढ़ाई गई है, जिससे इसकी भव्यता और आकर्षण और बढ़ गया है. मूर्ति की कुल कीमत 2 करोड़ है, जो इसे देश के सबसे महंगे गणपति मूर्तियों में से एक बनाती है.

श्रद्धालुओं की भारी भीड़
गणपति बप्पा के दर्शन के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु जालना पहुंच रहे हैं. सुबह से ही पंडालों में भक्तों का जमावड़ा लगा रहता है. भक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बनता है. चांदी के गणपति बप्पा के दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे हैं.

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सुरक्षा व्यवस्था
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए आयोजन समिति ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. पंडाल में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि आयोजन सुचारू रूप से चल सके. इसके साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं.

गणेश चतुर्थी का महत्व
गणेश चतुर्थी भारत में मनाए जाने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. यह त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. महाराष्ट्र में इस त्योहार की भव्यता और उत्साह विशेष रूप से देखने को मिलती है. इस साल ज्वलन में चांदी के गणपति बप्पा की मूर्ति ने इस उत्सव को और भी खास बना दिया है.

गणेश चतुर्थी के इस पावन अवसर पर भक्तों की आस्था और उत्साह ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया है. चांदी के गणपति बप्पा की भव्य मूर्ति न केवल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी है, बल्कि यह गणेश चतुर्थी के महत्व को भी दर्शाती है.