
अनोखी भक्ति
अनोखी भक्ति
बिहार के गया जिले के मानपुर प्रखंड स्थित सलेमपुर गांव में मां दुर्गा के प्रति आस्था और भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है. यहां रहने वाले शंकर भगत ने नवरात्रि के दौरान अपने सीने पर मां दुर्गा के नौ कलश स्थापित किए हैं. उनकी इस भक्ति को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच रहे हैं. पूरे प्रखंड से लेकर जिले तक शंकर भगत की आस्था और समर्पण की चर्चा हो रही है.
बिहार में नवरात्रि के दौरान कई जगहों पर भक्तों की ऐसी आस्था और साधना देखने को मिलती है. सलेमपुर गांव में भी शंकर भगत की भक्ति लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. गांव के देवी मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है और पूजा-पाठ चल रहा है. इसी मंदिर में शंकर भगत अपने सीने पर नौ कलश रखकर नवरात्रि कर रहे हैं. उनकी इस साधना को देखकर श्रद्धालु नतमस्तक हो रहे हैं.
पहली बार सीने पर रखे मां दुर्गा के नौ कलश
शंकर भगत ने बताया कि यह सब मां दुर्गा की कृपा और महिमा है. वह पहले भी नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना करते थे, लेकिन उस समय फलाहार करके व्रत रखते थे. उन्होंने पहली बार अपने शरीर पर मां के कलश रखे हैं. शंकर भगत के मुताबिक, इस साल नवरात्रि शुरू होने से दो दिन पहले उन्हें मां दुर्गा का सपना आया था. सपने में उन्हें अपने शरीर पर 11 कलश रखने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने नौ कलश रखे हैं. उन्होंने बताया कि मां ने सपने में उनसे कहा था कि वह इतने समय से फलाहार करके नवरात्रि कर रहे हैं, इसलिए इस बार अपने शरीर पर भी माता का कलश रखें.

नौ दिनों तक कठिन व्रत करेंगे शंकर भगत
सलेमपुर गांव के स्थानीय निवासी अनिल कुमार ने बताया कि शंकर भगत नवरात्रि के नौ दिनों तक कठिन व्रत रखेंगे. इस दौरान उन्हें भोजन नहीं करना है. अगर ज्यादा प्यास या गला सूखने की परेशानी होती है, तो वह केवल एक चम्मच घी और शहद ले सकते हैं. इसके अलावा उन्हें कुछ नहीं खाना है. अनिल कुमार ने बताया कि गांव के लोग शंकर भगत की इस भक्ति में सहयोग कर रहे हैं. उनके मुताबिक, सलेमपुर गांव में पहली बार किसी भक्त ने अपने सीने पर मां दुर्गा के नौ कलश स्थापित किए हैं.

गांव में चर्चा का विषय बनी शंकर भगत की आस्था
नवरात्रि के पावन अवसर पर शंकर भगत की यह साधना गांव और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बनी हुई है. मां दुर्गा के प्रति उनकी आस्था और समर्पण को देखने के लिए श्रद्धालु देवी मंदिर पहुंच रहे हैं. गांव के लोगों के लिए भी यह पहला मौका है, जब किसी भक्त ने अपने सीने पर नौ कलश रखकर नवरात्रि की साधना की है.
ये भी पढ़ें