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Holi Chandra Grahan 2026: 100 साल बाद दुर्लभ खगोलीय संयोग, 3 मार्च को ब्लड मून का नजारा

3 मार्च 2026 को ब्लड मून लगने वाला है. यह ग्रहण भारत में शाम 6:22 बजे से 6:47 बजे तक दिखाई देगा. इस साल होली के त्योहार पर चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है. 100 वर्षों में पहली बार होलिका दहन के अगले दिन चंद्र ग्रहण लगेगा. ज्योतिषीय दृष्टि से यह घटना महत्वपूर्ण है.

Chandra Grahan Chandra Grahan

फाल्गुन मास में होली की तैयारियां पूरे देश में जोरों पर हैं. इस बार होली के साथ एक दुर्लभ खगोलीय घटना भी जुड़ी हुई है. 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसे 'ब्लड मून' के रूप में जाना जाता है. यह ग्रहण भारत में शाम 6:22 बजे से 6:47 बजे तक दिखाई देगा.

होली और चंद्र ग्रहण का संयोग-
इस साल होली के त्योहार पर चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है. 100 वर्षों में पहली बार होलिका दहन के अगले दिन चंद्र ग्रहण लगेगा. ज्योतिषीय दृष्टि से यह घटना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगी.

ग्रहण का समय और प्रभाव-
ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे समाप्त होगा. सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू होगा. ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव विभिन्न राशियों पर पड़ेगा. सिंह, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

क्या होता है ब्लड मून-
चंद्र ग्रहण का धार्मिक महत्व है. इसे देखने के लिए खगोलविद और आम लोग उत्सुक हैं. इस दौरान 'ब्लड मून' का नजारा भी देखने को मिलेगा. यह घटना खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए खास है.

3 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण ब्लड मून होने वाला है. इस चंद्र ग्रहण में चंद्रमा खून जैसा लाल रंगा का दिखता है. दरअसल जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाता है, तो वह गहरा लाल रंग का दिखाई देने लगता है तो इसे ब्लड मून कहते हैं. 

इस साल कब है होलाष्टक?
इस साल रंगों का त्योहार 4 मार्च को है. होली के 8 दिन पहले होलाष्टक शुरू होता है. इसका समापन होलिका दहन के दिन होता है. होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू होगा. इस दौरान नकारात्मक ऊर्जा का संचार पूरे वातावरण में बढ़ जाता है. ग्रहों की प्रतिकूलता के कारण होलाष्टक के दौरान 16 संस्कारों का शुभ फल भी नहीं मिलता है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक होलाष्टक में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है. इस दौरान मांगलिक कार्य सफल नहीं होते हैं. इस दौरान सोना-चांदी भी नहीं खरीदना चाहिए. नया कारोबार भी नहीं करना चाहिए. नया घर भी नहीं बनाना चाहिए.

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