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110 किलो धागों से सजा मां दुर्गा का दरबार, जयपुर के इस पंडाल की अनोखी थीम देख आप भी रह जाएंगे हैरान!

जयपुर के मुरलीपुरा में 110 किलो से अधिक रोली-मोली के धागों से ऐसा पंडाल तैयार किया गया है, जो अपनी अनोखी बनावट और धार्मिक महत्व के चलते श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण बना हुआ है.

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जयपुर में 110 किलो से अधिक रोली-मोली के धागों से सजा पंडाल जयपुर में 110 किलो से अधिक रोली-मोली के धागों से सजा पंडाल

मन्नत पूरी होने पर माता के दरबार में बांधे जाने वाले लाल-पीले धागे तो आपने खूब देखे होंगे, लेकिन क्या कभी इन्हीं धागों से मां दुर्गा का पूरा दरबार सजा देखा है? जयपुर के मुरलीपुरा में आस्था की इसी अनूठी परंपरा को भव्य रूप दिया गया है. यहां 110 किलो से अधिक रोली-मोली के धागों से ऐसा पंडाल तैयार किया गया है, जो अपनी अनोखी बनावट और धार्मिक महत्व के चलते श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण बना हुआ है.

आस्था के धागों से तैयार हुआ भव्य पंडाल
धार्मिक आयोजनों, शुभ कार्यों और मन्नत पूरी होने पर माता को रोली-मोली बांधने की परंपरा को इस बार पंडाल की थीम बनाया गया है. सर्बोजनिन पूजा उत्सव समिति की ओर से तैयार कराए गए इस पांडाल में लाल-पीले धागों को बेहद खूबसूरती से सजाया गया है. 24 बाई 42 फीट के इस पंडाल को तैयार करने में बंगाल के 20 कारीगरों ने पांच दिन तक मेहनत की. धागों से सजा मां दुर्गा का दरबार श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.

200 नारियल, 300 घंटियां और 200 बांस का इस्तेमाल
पांडाल की खासियत सिर्फ रोली-मोली के धागे ही नहीं, बल्कि इसकी सजावट में इस्तेमाल की गई अन्य सामग्री भी है. इसे तैयार करने में करीब 200 नारियल, डिजाइन के लिए 200 बांस, 300 घंटियां, 80 गमछे और फोम से बने फूलों की डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है. पंडाल की बनावट में पारंपरिक सामग्री और रचनात्मकता का खास मेल देखने को मिल रहा है. इसकी एक और खास बात यह है कि सजावट में इस्तेमाल की गई सामग्री को दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा.

हर साल नई थीम, इस बार परंपरा को मिला कलात्मक रूप
सर्वोजनिन पूजा उत्सव समिति इस बार पांचवें वर्ष दुर्गा पूजा महोत्सव आयोजित कर रही है. समिति के सचिव समीर दंडपट्ट के मुताबिक, हर साल पांडाल के लिए एक अलग थीम चुनी जाती है. पिछले वर्षों में लोटस टेम्पल, डिज्नीलैंड, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी और जंगल की थीम पर पंडाल सजाए गए थे. इस बार कारीगर के सुझाव पर रोली-मोली की थीम चुनी गई, जिसमें धार्मिक परंपरा को अनूठी कलात्मकता के साथ प्रस्तुत किया गया है.

संधि पूजा के साथ भक्ति का माहौल, डांडिया नाइट भी आकर्षण
मुरलीपुरा के कृष्णा पैलेस मैरिज गार्डन में आयोजित महोत्सव में संधि पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना की. भक्तों के लिए सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक दर्शन की व्यवस्था है. महोत्सव के दौरान डांडिया नाइट और संगीत संध्या जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं. समिति को पांच दिनों में 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. रोली-मोली के धागों से सजा यह दरबार केवल एक पांडाल नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और मन्नतों से जुड़ी परंपरा की खूबसूरत अभिव्यक्ति है. यही अनूठी कल्पना मुरलीपुरा के इस दुर्गा पूजा महोत्सव को खास बना रही है.

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