Famous Krishna Temple
Famous Krishna Temple
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. इस बार श्री कृष्मण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को मनाई जा रही है. भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर देश भर के कृष्ण मंदिर सज-धजकर तैयार हैं. आइए जन्माष्टमी के पवित्र अवसर पर भगवान श्री कृष्ण के 10 प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जानते हैं. यहां आप जन्माष्टमी पर दर्शन करेंगे तो कान्हा की विशेष कृपा बरसेगी.
1. द्वारकाधीश मंदिर, मथुरा
मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में भगवान कृष्ण की काले रंग की सुंदर प्रतिमा विराजमान है. यहां राधा की मूर्ति सफेद रंग है. जन्माष्टमी का त्योहार यहां धूमधाम से मनाया जाता है. द्वारकाधीश मंदिर के पास यमुना नदी के घाट पर श्रद्धालु दर्शन-पूजन करते हैं और नौका-विहार का भी आनंद लेते हैं.
2. श्री बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन
वृंदावन में प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर स्थित है. आपको मालूम हो कि भगवान कृष्ण को बांके बिहारी भी कहा जाता है इसलिए उनके नाम पर ही इस मंदिर का नाम भी श्री बांके बिहारी रखा गया है. जन्माष्टमी के दिन मंगला आरती होने के बाद यहा श्रद्धालुओं के लिए रात 2 बजे ही मंदिर के दरवाजे खुल जाते हैं. मंगला आरती साल में सिर्फ एक बार होती है. आपको मालूम हो कि भगवान श्री कृष्ण ने अपना बचपन वृंदावन में ही बिताया था.
3. प्रेम मंदिर, वृंदावन
वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर बहुत ही भव्य है. रात के समय यह मंदिर रंग-बिरंगी लाइटों के जलने पर और ही मनमोहक लगता है. प्रेम मंदिर की सजावट एकदम खास तरीके से की गई है.
4. इस्कॉन मंदिर, वृंदावन
वृंदावन स्थित इस्कॉन मंदिर में राधे-कृष्ण की प्रतिमा बहुत ही मनोहारी है, जो भी इन्हें देखता है, वह मुग्ध हो जाता है. इस मंदिर को कृष्ण-बलराम मंदिर के नाम भी जाना जात है. यह मंदिर साल 1975 में बनाया गया था. वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालु झूमते-गाते हुए प्रभु की आराधना करते हैं. यहां विदेशी श्रद्धालुओं की भी अच्छी-खासी तादाद होती है.
5. जगन्नाथ मंदिर, पूरी
ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान कृष्ण अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं. पुराणों में जगन्नाथ पुरी को धरती का बैकुंठ कहा गया है. जन्माष्टमी से अधिक रौनक यहां रथ यात्रा के दौरान होती है. देश-विदेश के श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल होते हैं. जगन्नाथ मंदिर भारत में हिंदुओं के चार धामों में से एक है.
6. श्रीकृष्ण मठ मंदिर, उडुपी
कर्नाटक में भगवान श्री कृष्ण को समर्पित प्रसिद्ध श्रीकृष्ण मठ मंदिर है. यहां भगवान कृष्ण की पूजा खिड़की के नौ छिद्रो में से की जाती है. इस मंदिर को 13वीं सदी मे बनाया गया था. इस मंदिर के पास मौजूद तालाब के पानी में मंदिर का प्रतिबिंब दिखाई देता है. वैसे तो हर दिन यहां सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं लेकिन जन्माष्टमी के दिन यहां की रौनक देखते ही बनती है.
7. श्रीनाथ जी मंदिर, नाथद्वारा, राजस्थान
राजस्थान के नाथद्वारा में स्थित श्रीनाथ जी मंदिर अपनी भव्य मूर्तियों के लिए जाना जाता है. माना जाता है कि मेवाड़ के राजा इस मंदिर में मौजूद मूर्तियों को गोवर्धन की पहाड़ियों से औरंगजेब से बचाकर लाए थे. यह मंदिर 12वीं शताब्दी में बनाया गया था. साथ ही ये मंदिर श्री कृष्ण को समर्पित है.
8. द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका, गुजरात
द्वारकाधीश मंदिर गुजरात का सबसे प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर है. इसे जगत मंदिर भी कहा जाता है. यह मंदिर चार धाम यात्रा का भी मुख्य हिस्सा है. चारों धामों में से यह पश्चिमी धाम है. यह मंदिर गोमती क्रीक पर स्थित है.श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दौरान इस मंदिर में श्रद्धालुओं का उमंग देखते ही बनता है.
9. बालकृष्ण मंदिर, हंपी, कर्नाटक
कर्नाटक के हंपी में स्थित बालकृष्ण मंदिर की संरचना बेहद अनोखे तरीके से की गई है. इस मंदिर का शुमार UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज वेबसाइट में भी किया जा चुका है. इस मंदिर में बालकृष्ण विराजमान हैं.
10. सांवलिया सेठ मंदिर, राजस्थान
राजस्थान में सांवलिया सेठ मंदिर स्थित है. यह गिरिधर गोपालजी का प्रसिद्ध मंदिर है. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर है, जिनका संबंध मीरा बाई से भी बताया जाता है. यहां मीरा के गिरिधर गोपाल को बिजनस पार्टनर होने के कारण श्रद्धालु सेठ जी नाम से भी पुकारते हैं और वह सांवलिया सेठ कहलाते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, सांवलिया सेठ ही मीरा बाई के वो गिरधर गोपाल हैं, जिनकी वह दिन रात पूजा किया करती थीं.