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Photos: पूरे विधि विधान के साथ खोले गए बाबा केदारनाथ के कपाट, हर-हर महादेव से गूंजा बाबा का धाम

श्री केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ हम सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. मंदिर के बाहर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं.

Kedarnath Temple Kedarnath Temple

देवभूमि उत्तराखंड में स्थित पवित्र केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह 8 बजे पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. इस अवसर पर मंदिर को 51 क्विंटल फूलों से सजाया गया है. कपाट खुलने के इस पावन क्षण पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए केदार घाटी पहुंच चुके हैं.

पीएम मोदी ने भी किया ट्वीट
कपाट खुलने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, एकता और परंपराओं का प्रतीक है. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की और हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ अपनी भावना व्यक्त की.

चारधाम यात्रा 2026 
इस साल चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से हुई. 22 अप्रैल को केदारनाथ के कपाट खुले, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे. हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं, जिसे पूरा करने में आमतौर पर 10 से 12 दिन का समय लगता है.

16 से 18 किमी का पैदल ट्रैक
चारों धामों में केदारनाथ की यात्रा सबसे चुनौतीपूर्ण मानी जाती है. यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को गौरीकुंड से 16 से 18 किलोमीटर का पैदल ट्रेक करना पड़ता है. हालांकि हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध है, जिसकी बुकिंग केवल IRCTC पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है.

वहीं बद्रीनाथ धाम सड़क मार्ग से जुड़ा होने के कारण बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए अपेक्षाकृत आसान है. यमुनोत्री के लिए जानकी चट्टी से 5-6 किलोमीटर का ट्रेक करना पड़ता है, जबकि गंगोत्री तक सीधा सड़क मार्ग उपलब्ध है.

Kedarnath Temple

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. पुलिस, PAC, ITBP, ATS और बम निरोधक दस्ता तैनात किया गया है. 177 एंबुलेंस और AIIMS ऋषिकेश की ओर से हेलीकॉप्टर एंबुलेंस भी तैयार रखी गई है.

इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए नियम और अधिक सख्त किए गए हैं. केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है. इलेक्ट्रॉनिक सामान रखने के लिए क्लोक रूम की व्यवस्था की गई है. मंदिर के अंदर मूर्तियों, ग्रंथों या घंटियों को छूने की अनुमति नहीं होगी. इन नियमों का उद्देश्य मंदिरों की पवित्रता बनाए रखना और भीड़ को नियंत्रित करना है.

Kedarnath Dham

पंजीकरण और हेल्थ चेकअप अनिवार्य
यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है. श्रद्धालु उत्तराखंड पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. आधार कार्ड के जरिए पहचान सत्यापन और यात्रा ट्रैकिंग की जाती है.

हर यात्री को QR कोड या ई-पास दिया जाता है, जिसकी विभिन्न चेकपॉइंट्स पर जांच होती है. साथ ही, यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच जरूरी है. 55 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और अस्थमा या डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.