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Khatu Shyam Mela: खाटू श्याम मेले में आस्था का महाकुंभ, विदेशी फूलों से महका बाबा श्याम का दरबार

फाल्गुन मेला 21 से 28 फरवरी तक आठ दिनों तक चलेगा. मेले के पहले ही दिन लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि दूसरे दिन यह संख्या चार लाख तक पहुंचने की संभावना जताई गई है. अंतिम तीन दिनों में लगातार 72 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे ताकि अधिक से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर सकें.

Khatu Shyam Mandir Mela Khatu Shyam Mandir Mela

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू धाम इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर है. लक्खी फाल्गुन मेले की शुरुआत के साथ ही बाबा श्याम के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं. रींगस से खाटू तक का पूरा मार्ग 'जय श्री श्याम' के जयकारों, भजन-कीर्तन और निशान लिए पैदल यात्रियों से गूंज रहा है. प्रशासन के अनुसार इस बार मेले में करीब 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.

फाल्गुन मेला 21 से 28 फरवरी तक आठ दिनों तक चलेगा. मेले के पहले ही दिन लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि दूसरे दिन यह संख्या चार लाख तक पहुंचने की संभावना जताई गई है. अंतिम तीन दिनों में लगातार 72 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे ताकि अधिक से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर सकें.
रींगस से खाटू तक 17 किलोमीटर का विशेष पैदल मार्ग बनाया गया है, जिसे नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है. इस रास्ते पर पानी, रोशनी, शौचालय और विश्राम की व्यवस्था की गई है. अंतिम 5 से 8 किलोमीटर तक श्रद्धालुओं को पैदल ही चलना पड़ रहा है.

व्यवस्थाओं के लिए सेक्टर प्लान और डिजिटल सुविधा
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मेला क्षेत्र को 22 मुख्य सेक्टर और 350 सब-सेक्टर में बांटा गया है. लखदातार और मोदी ग्राउंड में जिग-जैग बैरिकेडिंग की गई है, जहां से 14 अलग-अलग कतारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाया जा रहा है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ‘श्याम सारथी’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है. इसके जरिए दर्शन का इंतजार समय, पार्किंग की स्थिति, मेडिकल सुविधा और लाइव अपडेट की जानकारी मिल रही है. इसके अलावा 44 डिजिटल एलईडी स्क्रीन पर भी लगातार जानकारी प्रसारित की जा रही है.

कड़ी सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं
मेले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. करीब 4400 पुलिसकर्मी, 1000 होमगार्ड और निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं. पूरे क्षेत्र में 400 सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है. 12 पुलिस सहायता बूथ बनाए गए हैं और हेल्पलाइन नंबर 112 व 9667600788 चौबीसों घंटे सक्रिय हैं. चोरी और चेन स्नेचिंग रोकने के लिए विशेष टीमें भी लगाई गई हैं. स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत 14 मेडिकल शिविर लगाए गए हैं, जहां 80 डॉक्टर, 270 नर्सिंग स्टाफ और 30 एम्बुलेंस तैनात हैं. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज की व्यवस्था की गई है.

पार्किंग और यातायात प्रबंधन
वाहनों के लिए 52 बीघा क्षेत्र में पार्किंग बनाई गई है, जहां 25 हजार से अधिक वाहन खड़े किए जा सकते हैं. पार्किंग से मंदिर तक श्रद्धालु 25 रुपये में ई-रिक्शा से पहुंच सकते हैं. इसके अलावा 40 बीघा का होल्डिंग एरिया तैयार किया गया है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.

11 हजार डमरू और भव्य प्रवेश द्वार
मंदिर परिसर को इस बार 11 हजार डमरुओं से सजाया गया है, जो भगवान शिव की आराधना का प्रतीक हैं. मुख्य 75 फीट ऊंचे प्रवेश द्वार पर 20 फीट का विशाल डमरू और हाथी की आकृति श्रद्धालुओं का स्वागत कर रही है. इसके अलावा 12 ज्योतिर्लिंग थीम वाला विशेष एंट्री गेट भी बनाया गया है, जिससे गुजरते समय श्रद्धालुओं को शिवधाम जैसा अनुभव होता है. मंदिर के मुख्य मार्ग पर 2000 से अधिक रंग-बिरंगे छाते और मोर पंख डिजाइन भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.

रिपोर्टर: रिदम जैन

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