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Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण के दौरान ऑफिस में न खेलें होली, लग गया है सूतक, रखें इन बातों का ध्यान

Lunar Eclipse 2026: चंद्र ग्रहण दोपहर को 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम को 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा. इसलिए अगर आप ऑफिस में हैं या शाम को ऑफिस में होली खेलने का प्लान कर रहे हैं तो ऐसा न करें.

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Lunar Eclipse 2026 date Lunar Eclipse 2026 date
हाइलाइट्स
  • ग्रहण के दौरान न खेलें होली

  • जानिए भारत में कहां-कहां दिखेगा

आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है. यह एक खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा, जो सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है. इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो गया है.

सूतक काल में इन बातों का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले लग जाता है. इस समय मंदिर में प्रवेश करना, देवी-देवताओं की मूर्ति को स्पर्श करना, भोजन करना, यात्रा करना, गाय का दूध निकालना और तुलसी को छूना वर्जित माना जाता है. साथ ही गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने और किसी भी धारदार वस्तु का उपयोग न करने की सलाह दी जाती है.

ग्रहण के दौरान न खेलें होली
चंद्र ग्रहण दोपहर को 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम को 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा. इसलिए अगर आप ऑफिस में हैं या शाम को ऑफिस में होली खेलने का प्लान कर रहे हैं तो ऐसा न करें. हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को अशुभ समय माना जाता है. इस दौरान पूजा-पाठ, खाना बनाना या शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है. अगर आप चाहें तो ग्रहण खत्म होने के बाद दोस्तों को गुलाल लगा सकते हैं.

भारत में कहां-कहां दिख सकता है खंडग्रास चंद्र ग्रहण?
आज शाम देश के कई हिस्सों में खंडग्रास चंद्र ग्रहण नजर आ सकता है. दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पुड्डुचेरी, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी लोग इस खंडग्रास चंद्र ग्रहण का दृश्य देख पाएंगे.

दुनिया में कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?
चंद्र ग्रहण भारत के अलावा एशिया में कई जगहों पर दिखाई दे सकता है. इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में भी यह चंद्र ग्रहण दिखाई देने वाला है. नॉर्थ-साउथ अमेरिका और प्रशांत महासागर के आस-पास भी ग्रहण का नजारा दिखाई देगा.