Magh Mela 2026
Magh Mela 2026
प्रयागराज में संगम तट पर चल रहे माघ मेले में बसंत पंचमी के चौथे महास्नान की तैयारियां जोरों पर है. 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन लाखों श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगाएंगे. इस दिन देवी सरस्वती की पूजा का विशेष महत्व है. ज्योतिषीय दृष्टि से इस बार बसंत पंचमी पर गजकेसरी योग और अन्य शुभ संयोग बन रहे हैं. श्रद्धालुओं को पीला वस्त्र पहनना, पीला पुष्प अर्पित करना और दान करना चाहिए.
किन्नर अखाड़े की तुला दान की परंपरा-
माघ मेले में किन्नर अखाड़े ने तुला दान की अनोखी परंपरा निभाई. आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरी को उनके वजन के बराबर अनाज और सिक्कों से तोला गया. इस परंपरा का उद्देश्य आत्मशुद्धि, पापों का नाश और आध्यात्मिक उन्नति है. तुला दान के बाद दान की गई वस्तुएं समाज के जरूरतमंद लोगों को वितरित की गईं. स्वामी कौशल्या नंद गिरी ने कहा कि तुला दान सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह आत्मशुद्धि और कष्टों को दूर करने का माध्यम है.
शिव सखी के रूप में भक्तों का आकर्षण-
माघ मेले में शिव सखी के रूप में सजे दिनेश तिवारी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. नथ, बाली, चूड़ियां और लाल सलवार सूट में सजे दिनेश तिवारी शिव आराधना के लिए नुकीले आसन पर तपस्या करते हैं. उनकी भक्ति और समर्पण को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं.
पर्यावरण के लिए शिप्रा पाठक की पदयात्रा-
माघ मेले में साध्वी शिप्रा पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक पदयात्रा निकाली. इस यात्रा में साधु-संतों ने भाग लिया और त्रिवेणी को स्वच्छ रखने का संदेश दिया. साध्वी ने कहा कि हमने नदियों के किनारे 55 लाख पौधे लगाए हैं और आगे भी यह कार्य जारी रहेगा.
श्रद्धालुओं के लिए इलेक्ट्रिक बग्घियों की सुविधा-
माघ मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने 20 से अधिक इलेक्ट्रिक बग्घियां शुरू की हैं. ये बग्घियां बुजुर्गों और थके हारे श्रद्धालुओं को संगम घाट तक पहुंचाने में मदद कर रही हैं. श्रद्धालुओं ने इस सुविधा की सराहना की और इसे बेहद उपयोगी बताया.
बसंत पंचमी पर विशेष उपाय-
मौनी महाराज ने बसंत पंचमी के शुभ संयोगों पर चर्चा की और श्रद्धालुओं को विशेष उपाय बताए. उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी पर पीले वस्त्र पहनें, पीले पुष्प अर्पित करें और मां सरस्वती से ज्ञान और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करें. इस दिन किए गए संकल्पों और अनुष्ठानों का विशेष महत्व है.
मेले में आस्था और भक्ति का संगम-
माघ मेले में श्रद्धालु तपस्या, त्याग और समर्पण के अनोखे दृश्यों को आत्मसात कर रहे हैं. संगम तट पर भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है, जो आस्था की डुबकी लगाकर अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध कर रहे हैं. प्रशासन ने मेले में सुरक्षा और सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं.
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