Magh Mela 2026
Magh Mela 2026
प्रयागराज में माघ मेले को मिनी कुंभ का दर्जा प्राप्त है. त्रिवेणी संगम पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थल पर हर साल लाखों श्रद्धालु आत्मशुद्धि, पाप मुक्ति और मोक्ष की कामना से आते हैं. इस वर्ष भी देश-विदेश से श्रद्धालु माघ मेले के दौरान गंगा स्नान के लिए पहुंचे हैं. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विशेष इंतजाम किए हैं.
सबसे बड़ा आश्रय स्थल
इस बार माघ मेले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सबसे बड़ा आश्रय स्थल बनाया है. इसमें एक साथ 500 से अधिक श्रद्धालु ठहर सकते हैं. यहां ठहरने के लिए श्रद्धालुओं को मात्र 20 रुपए प्रति 24 घंटे का शुल्क देना होगा. स्नान पर्व के दौरान यह शुल्क 50 रुपए प्रति व्यक्ति है. आश्रय स्थल में साफ-सुथरे बेड, सुंदर चादर, तकिया, कंबल और गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध है. इसके अलावा, यहां मुफ्त भोजन भी दिया जा रहा है.
योगी सरकार की इस सुविधा से श्रद्धालु खुश
गुजरात से आए माघ मेला में आए एक श्रद्धालु ने कहा कि पहले मुझे डर था कि रहने की व्यवस्था कैसे होगी, लेकिन यहां आकर मुझे बहुत अच्छा लगा. ₹20 में ठहरने और मुफ्त भोजन की सुविधा ने हमारी यात्रा को आसान बना दिया. अन्य श्रद्धालुओं ने भी सरकार और मेला प्रशासन की सराहना कीय
महाकुंभ स्तर के इंतजाम
माघ मेले को महाकुंभ के बाद मिनी कुंभ का दर्जा प्राप्त है. इसी कारण यहां महाकुंभ स्तर के इंतजाम किए गए हैं. संगम तट पर बने आश्रय स्थल तक पहुंचने के लिए अक्षयवट मार्ग से होकर जाना पड़ता है. यहां की सुविधाएं श्रद्धालुओं को काफी पसंद आ रही हैं.
योगी सरकार की पहल
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने माघ मेले में पांच से अधिक बड़े आश्रय स्थल बनाए हैं. इन स्थलों में ठहरने की व्यवस्था बेहद सस्ती और सुविधाजनक है. श्रद्धालुओं ने सरकार की इस पहल की सराहना की है और इसे एक आदर्श व्यवस्था बताया है.
माघ मेले का महत्व
माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक यात्रा है. यहां श्रद्धालु आत्मशुद्धि और मोक्ष की कामना से आते हैं. हर-हर गंगे की गूंज और श्रद्धा-भक्ति की उमंग इस मेले को विशेष बनाती है.
माघ मेला 2026 में मुख्य स्नान की तिथियां
1. पहला मुख्य स्नानः पौष पूर्णिमा (3) जनवरी 2026)
2. दूसरा मुख्य स्नानः मकर संक्रांति (14) जनवरी 2026)
3. तीसरा मुख्य स्नानः मौनी अमावस्या (18) जनवरी 2026)
4. चौथा मुख्य स्नानः बसंत पंचमी (23 जनवरी 2026)
5. पांचवां मुख्य स्नानः माघी पूर्णिमा (1) फरवरी 2026)
6. छठा मुख्य स्नानः महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026)