
पूरे देश में गणेश उत्सव का माहौल है. हर्षोल्लास और आस्था के इस महापर्व में हर जगह भगवान गणेश जी की स्थापना की गई है. ऐसे में गुजरात में एक भगवान गणेश जी ऐसे भी हैं जिनकी अद्भुत मूर्ति और भव्य सजावट हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचती है. यह गणेश जी सूरत शहर के महिधरपुरा इलाके में डालिया शेरी में विराजमान हैं. इन्हें 'गुजरात के सबसे अमीर गणेश' के रूप में जाना जाता है. हर साल के गणेश उत्सव की तरह इस साल भी लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों और अमेरिकन डायमंड से भगवान गणेश की मूर्ति विराजमान है.
सूरत के महिधरपुरा में विराजमान हैं 'गुजरात के सबसे अमीर गणेश'
सूरत के महिधरपुरा क्षेत्र के डालिया शेरी में विराजमान इन भगवान गणेश को गणेश उत्सव के दौरान गुजरात का सबसे अमीर गणेश कहा जाता है क्योंकि उनके पास 25 किलो से भी ज्यादा के सोने-चांदी के आभूषण हैं. इन्हीं आभूषणों से हर साल भगवान गणेश की मूर्ति का श्रृंगार किया जाता है. यह आभूषण साल भर खजाने में सुरक्षित रखा जाता है. केवल गणेश उत्सव के दौरान ही इसे पहनाकर पूजा की जाती है. ये सभी आभूषण भक्तों द्वारा दान किए गए हैं. इस साल भी गणेश भगवान को 6 फुट लंबा, 1 किलो सोने और चांदी का हार पहनाया गया हैं.
सोने-चांदी के आभूषणों से सजी भगवान गणेश की भव्य मूर्ति
इस बार, एक लाख अमेरिकी डायमंड से जड़ी पत्ती के आकार की चांदी की मूर्ति, गणेश जी का श्रृंगार विशेष आकर्षण का केंद्र बना है. इसके अलावा, 7 किलो चांदी का मूषकराज भी भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है.
मोबाइल ऐप से भक्तों को 24 घंटे लाइव दर्शन की सुविधा
भक्तों को श्रीजी के 24 घंटे दर्शन हो सकें, इसके लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन भी बनाया गया है, जिसके माध्यम से भक्त घर बैठे गणेश जी के लाइव दर्शन कर सकते हैं. भगवान गणेश जी का मुकुट 2 किलो सोने और चांदी से बना है जिसकी कीमत लाखों में है. भगवान गणेश के चार हाथों में 3 किलो सोने और चांदी के कवर बने हैं. चार हाथों में 1 किलो सोने और चांदी के बाजूबंद बंधे हैं जिसकी कीमत 2.50 लाख रुपए है. भगवान गणेश के पैरों के कवर में 1.5 किलो सोने और चांदी का इस्तेमाल किया गया है जिसकी कीमत 3.25 लाख रुपए है. इसी तरह 750 ग्राम का कमरबंध है जिसकी कीमत 1.50 लाख रुपए है. 1.5 किलो सोने-चांदी का कमल बना है जिसकी कीमत 2.25 लाख रुपए है. 1.5 किलो सोने-चांदी की कुल्हाड़ी है जिसकी कीमत 2.25 लाख रुपए है.
भगवान गणेश के इस शृंगार में 1.50 लाख अमेरिकी डायमंड भी जड़े हैं जिनकी कीमत 2 लाख रुपए है. भगवान गणेश के वाहन मुश्कराज को 7 किलो चांदी से तैयार किया गया है जिसकी कीमत 6.50 लाख रुपए है. भगवान गणेश जी की मूर्ति में सूंड पर 1 किलो चांदी का इस्तेमाल किया गया है, जिस पर सोने की परत चढ़ाई गई है. इन सभी आभूषणों की कुल कीमत 32 लाख से अधिक आंकी गई है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, हजारों श्रद्धालु करते हैं दर्शन
इतनी कीमती आभूषणों के कारण गणेश जी की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि सन 1972 यहां पर भगवान गणेश की स्थापना होती आ रही है. पहले छोटी मूर्ति स्थापित की जाती थी फिर समय के साथ-साथ बड़ी मूर्ति स्थापित करने लगे हैं. सूरत का यह प्रसिद्धि गणेश पंडाल है दूर दूर से भक्त दर्शन करने के लिए आते है.
रिपोर्ट- संजय सिंह राठौर
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