Magh Maas 2026
Magh Maas 2026
माघ महीने का आरंभ 4 जनवरी से हो गया है और इसका समापन 1 फरवरी 2026 को होगा. यह माह हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है. इस महीने में कई धार्मिक पर्व आते हैं, जिनका पालन करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है. भगवान श्रीकृष्ण को माघ का महीना समर्पित है. ज्योतिष के मुताबिक माघ के पूरे महीने में स्नान-दान और उपवास से इंसान के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्य बढ़ता ही चला जाता है.
माघ महीने की महिमा
शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि माघ महीने का नाम 'माध' से लिया गया है, जो भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप 'माधव' से जुड़ा है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, माघ पूर्णिमा को 'मगा नक्षत्र' होता है, जिससे इस महीने को 'माघ' कहा जाता है. सावन और कार्तिक की तरह, माघ भी हिंदू धर्म में पवित्र महीनों में से एक है. इस महीने में प्रयागराज में संगम पर कल्पवास का पालन किया जाता है, जिससे व्यक्ति शारीरिक और आत्मिक रूप से शुद्ध होता है.
माघ महीने के प्रमुख पर्व
1. संकष्ठी चतुर्थी: भगवान गणेश की पूजा से संतान सुख और चिंताओं का निवारण होता है.
2. शट तिला एकादशी: तिल के छह प्रकार के प्रयोग से स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त होती है.
3. मौनी अमावस्या: मौन रहकर आत्मा की शुद्धि और पाप नाश की साधना की जाती है.
4. वसंत पंचमी: मां सरस्वती की उपासना से ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है. यह दिन शुभ कार्यों के लिए अबुझ मुहूर्त है.
5. जया एकादशी: कुंडली के ऋणों और दोषों से मुक्ति मिलती है.
6. माघी पूर्णिमा: भगवान शिव और विष्णु की संयुक्त कृपा प्राप्त होती है.
माघ महीने में दिनचर्या और खानपान
माघ महीने में खानपान और दिनचर्या में बदलाव करना आवश्यक है. सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और हल्का भोजन करना चाहिए. गर्म पानी को धीरे-धीरे छोड़कर सामान्य जल से स्नान करना शुरू कर देना चाहिए. सुबह देर तक सोना छोड़ देना चाहिए. तिल और गुड़ का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है. सात्विक भोजन अपनाने और एक समय भोजन करने से आरोग्य और एकाग्रता प्राप्त होती है.
माघ महीने में पूजा और साधना
पूरे माघ महीने में भगवान कृष्ण की पूजा करें. रोज सुबह पीले फूल और पंचामृत अर्पित करें. श्री माधव दया सिंधु भक्त काम प्रर्वषण मंत्र का नौ बार जाप करें. साधना के साथ-साथ गरीबों को भोजन और अन्न का दान करें. सात्विक भोजन अपनाएं. संभव हो तो एक ही वेला भोजन करें. प्रातःकाल स्नान करें.