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221 फीट ऊंचा, इको-फ्रेंडली पटाखों से होगा सबसे ऊंचे रावण का दहन... जानें कितना हुआ खर्च?

हरियाणा के पंचकूला में इस बार रावण के 221 फुट के पुतले का दहन होगा. इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है. इस पुतले को बनाने में करीब 35 लाख रुपए खर्च किए गए हैं. इस बार भारत में पहली बार विश्व के सबसे ऊंचे रावण के पुतले यानी 221 फुट ऊंचा रावण तैयार किया जा रहा है.

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A 221-foot-tall effigy of Ravana A 221-foot-tall effigy of Ravana

हरियाणा में पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में इस बार दशहरा महोत्सव पर विशालकाय रावण का दहन किया जाएगा. इस साल 221 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा. इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है.

पुतला बनाने में 35 लाख रुपए खर्च-
रावण के निर्माण पर करीब 34 से 35 लाख रुपये की लागत आई है. रावण दहन के दौरान इको-फ्रेंडली पटाखों से आतिशी नजारा देखने को मिलेगा. विशालकाय रावण को खड़ा करने के लिए कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं. आयोजन को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह है.

विशाल दशहरा महोत्सव को लेकर श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट दशहरा कमेटी पंचकूला और आदर्श रामलीला ड्रामेटिक स क्लब पंचकूला की ओर से संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई. इसमें श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष विष्णु गोयल ने महोत्सव की तैयारियों और 221 फुट ऊंचे रावण के निर्माण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी दी.

भारत में पहली बार 221 फुट के रावण-
आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस बार भारत में पहली बार विश्व के सबसे ऊंचे रावण के पुतले यानी 221 फुट ऊंचा रावण तैयार किया जा रहा है. 

कारीगर तजिंदर पाल चौहान के मुताबिक, इनमें से एक रावण पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में तैयार किया गया है.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम-
221 फुट ऊंचे रावण की विशालता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. रावण को खड़ा करने के बाद उसके आसपास बैरिकेडिंग की जाएगी और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि कोई भी व्यक्ति निर्धारित सुरक्षा घेरे में प्रवेश न कर सके. आयोजकों का लक्ष्य कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है.

आकर्षण का केंद्र बना पुतला-
पंचकूला में इस बार 221 फुट ऊंचे रावण का दहन दशहरा महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहने वाला है. शहरवासियों को उस भव्य पल का इंतजार है, जब बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में विशालकाय रावण का दहन किया जाएगा.

(उमंग शेरोन की रिपोर्ट)

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