
Magh Mela Unique School
Magh Mela Unique School
तीर्थराज प्रयागराज में एक तरफ आस्था और भक्ति बयार बह रही है. तो वहीं दूसरी तरफ इसी माघ मेले में ज्ञान की गंगा भी बह रही है. मेले में काम करने वाले सैकड़ों सफाई कर्मियों के बच्चों की शिक्षा के लिए यहां एक स्कूल बनाया गया है, जहां अलग-अलग जिलों से आए सफाई कर्मचारियों के 333 बच्चों ने दाखिला लिया है.
माघ मेला में चल रहा स्कूल-
माघ मेला में अनोखा स्कूल चल रहा है. शानदार क्लास रूम और इन क्लास रूम में बच्चों को पढ़ाने के लिए हाईटेक सुविधाएं भी हैं. ये कोई प्राइवेट स्कूल नहीं, बल्कि ये संगम की रेती पर चल रहा विद्या कुंभ प्राथमिक विद्यालय है, जहां बच्चों को बड़े ही रोचक अंदाज में पढ़ाया-लिखाया जा रहा है.
शिक्षा विभाग की अनोखी पहल
इस स्कूल में पढ़ने वाले तमाम बच्चे उन सफाईकर्मियों के हैं, जो यूपी के अलग-अलग जिलों से आकर माघ मेले में साफ-सफाई का जिम्मा संभाल रहे हैं. ऐसे में इन सफाईकर्मियों के बच्चों की शिक्षा अधूरी न रह जाए, इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से ये अनोखी पहल की गई है. ये स्कूल माघ मेला के सेक्टर-3 में विद्या कुंभ प्राथमिक विद्यालय के नाम से चल रहा है. जहां कुल 333 बच्चों ने दाखिला लिया है. जिनमें यूपी के अलावा मध्य प्रदेश और दिल्ली के बच्चे भी यहां शिक्षा ले रहे हैं.

स्कूल में बांदा से 81, कौशांबी से 25, फतेहपुर से 13, सीतापुर से 38, हरदोई से 18, चित्रकूट से 24, प्रयागराज से 103, रीवा (मध्य प्रदेश) से 4, दिल्ली से 7, कानपुर से 3, गाजीपुर से 1 और शाजापुर से 11, प्रतापगढ़ से 5 बच्चे शामिल हैं. यहां स्मार्ट क्लासरूम के साथ प्रॉपर शिक्षा दी जा रही है.
स्कूल में आउटडोर एक्टिविटी भी-
किसी आम स्कूल की तरह ही यहां पढ़ रहे बच्चों का पूरा ख्याल शिक्षकों की ओर रखा जा रहा है. पढ़ाई के दौरान इनडोर एक्टिविटी और आउटडोर एक्टिविटी भी कराई जाती है. इसके लिए शिक्षक पूरी जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं. आपको बता दें कि एजुकेट गर्ल्स की ओर से विद्या कुंभ पहल की शुरुआत महाकुंभ के दौरान की गई थी, जिसे अब माघ मेला-2026 में शिक्षा विभाग के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है.

8 टीचर्स उठा रहे पढ़ाई का जिम्मा-
विद्यालय के प्रधानाचार्य दिलीप कुमार मिश्र बताते हैं कि बेसिक शिक्षा विभाग का उद्देश्य हर बच्चे तक शिक्षा की ज्योति पहुंचाना है. शिक्षक समय पर आकर बच्चों को अच्छी पढ़ाई करा रहे हैं. टीचर्स का कहना है कि माघ मेला में बच्चों को पढ़ाना हमारे लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है. बेसिक शिक्षा विभाग ने एक प्रधानाध्यापक और सात सहायक अध्यापकों की तैनाती की है. सुरक्षा के लिए आठ स्काउट्स भी लगाए गए हैं.
दूसरे जिले से आई एक बच्ची का कहना है कि यहां की पढ़ाई घर के स्कूल से भी बेहतर लग रही है. लगता ही नहीं कि हम दूसरे जिले में हैं.
जहां सनातन धर्म की श्रद्धा-अर्चना हो रही है, वहां शिक्षा को पूजा के रूप में स्थापित करना प्रशंसनीय है. ऐसी पहल से लाखों श्रद्धालुओं को प्रेरणा मिलेगी और स्वच्छता के योद्धाओं के बच्चों का भविष्य भी संवारा जाए.
(आनंद राज की रिपोर्ट)
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