Surya Dev
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माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी मनाई जाती है. रथ सप्तमी को सूर्य जयंती भी कहा जाता है. इस साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 24 जनवरी 2026 की रात 12 बजकर 40 मिनट से शुरू होगी और 25 जनवरी 2026 की रात 11 बजकर 11 मिनट तक रहेगी. उदय तिथि के अनुसार रथ सप्तमी का पर्व 25 जनवरी दिन रविवार को मनाया जाएगा. रथ सप्तमी के दिन को भगवान सूर्य के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और इसे आरोग्यता, समृद्धि और सफलता का प्रतीक माना जाता है. माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को सूर्यदेव की उपासना करने से जीवन के सभी विकार दूर होते हैं और आरोग्यता का वरदान मिलता है.
रथ सप्तमी का महत्व
रथ सप्तमी का महत्व पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है. इस दिन भगवान सूर्य ने अपने रथ पर सवार होकर पूरी धरती को प्रकाशमान किया था. इसे सूर्य के जन्म का दिन माना जाता है. इस दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने से व्यक्ति को आरोग्यता, संतान और धन का वरदान मिलता है. मत्स्य पुराण के अनुसार, इस दिन किए गए स्नान, दान, हवन और पूजा का फल कई गुना अधिक होता है.
सूर्य उपासना के लाभ
सूर्य उपासना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. सूर्य को जल अर्पित करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, जिससे व्यक्ति को समाज में यश, उन्नति और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है. सूर्य उपासना से शरीर का बहुमुखी विकास होता है और व्यक्ति तेजस्वी और निरोगी बनता है.
सूर्यदेव को अर्घ्य देने की विधि
रथ सप्तमी के दिन सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी में स्नान करें या गंगाजल मिले पानी से स्नान करें. सूर्योदय के समय सूर्य की ओर मुख करके खड़े हो और तांबे या पीतल के लोटे से जल अर्पित करें. जल में लाल चंदन, कुमकुम, लाल फूल, अक्षत और गुड़ मिलाएं. जल अर्पित करते समय सूर्यदेव की वंदना करें और मंत्रों का जाप करें.
पौराणिक कथा
रथ सप्तमी से जुड़ी एक पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण के पुत्र श्याम को अपने शारीरिक बल पर अभिमान हो गया था. दुर्वासा ऋषि ने श्याम को कुष्ठ रोग का शाप दिया. श्रीकृष्ण भगवान ने श्याम को सूर्य उपासना करने की सलाह दी. सूर्य की आराधना से श्याम का कुष्ठ रोग ठीक हो गया. इस कथा से यह मान्यता जुड़ी है कि सूर्य उपासना से रोग मुक्ति और जीवन में सफलता प्राप्त होती है.
सूर्य मंत्रों का महत्व
सूर्य उपासना में मंत्र जाप का विशेष महत्व है.'ओम घणी सूर्याय नमः' और 'ओम आदित्य नमः' जैसे मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं. सूर्य चालीसा और आदित्य हृदय स्रोत का पाठ भी लाभकारी होता है. रथ सप्तमी पर सूर्य को जवा पुष्प अर्पित करें, गुड़ और गेहूं का दान करें और सात्विक आहार ग्रहण करें. सूर्य उपासना से जीवन में हर प्रकार की समस्याओं का समाधान होता है.