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800 किमी पैदल यात्रा पर निकला शिव भक्त, नंदी को कांवड़ बनाकर पहुंचे हरिद्वार, बोले- नंदी सेवा के बिना अधूरी है शिव भक्ति

हरियाणा के रहने वाले रोशन लाल सेवादार भगवान शिव की सवारी नंदी को ही कांवड़ का स्वरूप देकर करीब 800 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकले हैं. श्रद्धालुओं के बीच यह अनोखी कांवड़ आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.

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सहारनपुर में श्रावण कांवड़ यात्रा में इस बार आस्था का एक ऐसा अनोखा स्वरूप देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. हरियाणा के रहने वाले रोशन लाल सेवादार भगवान शिव की सवारी नंदी को ही कांवड़ का स्वरूप देकर करीब 800 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकले हैं. अपने परिवार और बच्चों के साथ हरिद्वार पहुंचे रोशन लाल ने सबसे पहले नंदी को गंगा स्नान कराया और फिर भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए. श्रद्धालुओं के बीच यह अनोखी कांवड़ आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.

रोशन लाल का कहना है कि भगवान शिव को प्रसन्न करना है तो सबसे पहले उनके प्रिय वाहन नंदी की सेवा करनी चाहिए. उनका मानना है कि नंदी के बिना शिव आराधना अधूरी है. सीमित आर्थिक स्थिति होने के बावजूद उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ यह यात्रा शुरू की. रास्ते भर जहां-जहां से यह अनोखी कांवड़ गुजरी, लोग रुककर इसे देखते रहे और श्रद्धा के साथ नंदी के दर्शन करते नजर आए. रोशन लाल का विश्वास है कि सच्ची भक्ति और सेवा से भगवान शिव उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूरी करेंगे.

भगवान शिव और नंदी का मंदिर बनाने का सपना
रोशन लाल ने बताया कि उनका सबसे बड़ा सपना भगवान शिव और नंदी के लिए एक मंदिर बनवाना है, ताकि नंदी को स्थायी स्थान मिल सके. उनका कहना है कि वह खुद साधारण जीवन जी लेंगे, लेकिन भगवान शिव और नंदी की सेवा कभी नहीं छोड़ेंगे. उनका विश्वास है कि शिव और नंदी की निस्वार्थ सेवा से मोक्ष की प्राप्ति होती है. श्रावण माह में निकली यह अनोखी कांवड़ यात्रा आस्था, समर्पण और भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास का संदेश दे रही है और जहां भी पहुंच रही है, लोगों के बीच चर्चा का विषय बन रही है.

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