
Saharanpur News
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है. हजारों कांवड़िए हर दिन सहारनपुर से होकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं. कांवड़ियों के स्वागत और उनकी यात्रा को यादगार बनाने के लिए कांवड़ मार्ग को रंग-बिरंगी रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया है. सड़क के दोनों ओर लगी आकर्षक लाइटें रात के समय पूरे कांवड़ मार्ग की खूबसूरती बढ़ा रही हैं.
10-12 हजार लड़ियों से सजाए गए रास्ते-
करीब 10 से 12 हजार लड़ियों से कांवड़ मार्ग को जगमगाया गया है. गागलहेड़ी और सरसावा क्षेत्र में खास तौर पर रंग-बिरंगी लाइटों की सजावट की गई है. रात में इन लाइटों के नीचे से गुजरते कांवड़ियों के लिए यह नजारा बेहद आकर्षक नजर आ रहा है. दूर से देखने पर पूरा मार्ग रोशनी से नहाया हुआ दिखाई देता है. कांवड़िए भी इस खूबसूरत सजावट को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करते नजर आ रहे हैं. कई कांवड़िए रास्ते में रुककर रंग-बिरंगी रोशनी का आनंद भी ले रहे हैं.

श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र हैं लाइट्स-
दिनभर की लंबी यात्रा और पैदल चलने की थकान के बीच जब कांवड़िए इन जगमगाती लाइटों के बीच से गुजरते हैं, तो माहौल उन्हें एक अलग ऊर्जा का एहसास कराता है. रंग-बिरंगी लाइटों से सजा कांवड़ मार्ग रात के समय किसी रोशन गलियारे जैसा दिखाई देता है. कांवड़ियों के लिए की गई यह सजावट श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.

कई जगहों पर की गई है स्पेशल व्यवस्था-
गागलहेड़ी क्षेत्र और सरसावा क्षेत्र मे कई जगहों पर रोशनी की खास व्यवस्था की गई है. कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु इस खूबसूरत नजारे को देखकर उत्साहित नजर आ रहे हैं. लाइटों की चमक के बीच शिवभक्त लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं. प्रशासन और स्थानीय लोगों की ओर से कांवड़ियों की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों में यह रोशनी भी खास आकर्षण बनी हुई है. रात के समय कांवड़ मार्ग पर उमड़ रही भीड़ और रंगीन रोशनी मिलकर एक अलग ही दृश्य बना रही है. यही वजह है कि सहारनपुर से गुजर रहे कांवड़ियों के लिए यह सफर सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यादगार अनुभव भी बनता जा रहा है.

पौने 2 किमी तक लगाई गई हैं लाइट्स-
राजू पवार चेयरमैन पति जानकारी देते हुए बोले की जो लाइट लगी हुई है, यह सरसावा क्षेत्र का 1.45 किलोमीटर का मार्ग है, और सिर्फ इतनी क्षेत्र में लगभग 6 से 7000 लड़िया लगी है. कांवरिया से जो हम पूछताछ करते हैं तो बताते हैं कि हरिद्वार से लेकर यहां तक ऐसी व्यवस्था कहीं नहीं है सिर्फ सहारनपुर में ही ऐसी व्यवस्था मिलती है. उसी के साथ-साथ यहां पर कावड़िया तो जा ही रहे हैं और लाइटिंग की व्यवस्था के चलते आसपास के लोग भी इस लाइटिंग को देखने के लिए रात के समय घरों से निकलकर सड़कों पर आ जाते हैं.
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