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Sankashti Chaturthi 2026: संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा से संकटों का होता है नाश, संतान की होती है प्राप्ति और जीवन में मिलती है उन्नति

माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी, तिल चतुर्थी या सकट चौथ कहा जाता है. संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश के संकष्ट हरण स्वरूप की पूजा करने से जीवन के सभी संकट नष्ट हो जाते हैं. संतान की प्राप्ति होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है.

Sankashti Chaturthi 2026 Sankashti Chaturthi 2026

माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी, तिल चतुर्थी या सकट चौथ कहा जाता है. 6 जनवरी 2025 दिन मंगलवार को माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है. ऐसे में इसी दिन संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन भगवान गणेश और चंद्र देव की उपासना से जीवन के संकट दूर होते हैंय

संकष्टी चतुर्थी पर पूजा का महत्व
संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश के संकष्ट हरण स्वरूप की पूजा की जाती है. यह पूजा संतान प्राप्ति, कर्ज से मुक्ति और जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक होती है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान गणेश की पूजा से अपयश और बदनामी से भी मुक्ति मिलती है.

पूजा विधि 
संकष्टी चतुर्थी पर प्रातः स्नान करके भगवान गणेश की पूजा का संकल्प लें. दिनभर फलाहार करें और शाम को विधिवत पूजा करें. गणेश जी को तिल के लड्डू, धुरवा और पीली मिठाई अर्पित करें. चंद्रमा को अर्घ दें लेकिन उसका दर्शन न करें. गणेश मंत्रों का जप करें.

संकष्टी चतुर्थी पर करें ये विशेष उपाय
1.
पीले वस्त्र पहनकर घी का चौमुखी दीपक जलाएं.
2. अपनी उम्र के बराबर तिल के लड्डू चढ़ाएं.
3. संकट नाशक गणपति स्रोत का पाठ करें.
4. संतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी मिलकर संतान गणपति स्रोत का पाठ करें.
5. ग्रहों की बाधा दूर करने के लिए गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें.
6. कर्ज से मुक्ति के लिए सफेद गणपति की पूजा करें.
7. जमीन से संबंधित मुकदमे को जीतने के लिए हनुमान जी का मंत्र जपें.
8. काले तिल या फिर उससे बनी खाद्य सामग्री जैसे लड्डू आदि का दान करें. इससे संतान की आयु लंबी होती है.
9. तिल के दान से शनि दोष का प्रभाव भी कम होता है.
10. संतान की लंबी आयु और सुरक्षा के लिए संकटनाश गणेश स्रोत का 108 बार पाठ करें.
11. सकट चौथ के दिन शिवलिंग पर गन्ने का रस अर्पित करना बेहद शुभ होता है.
12. शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से संतान के जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.