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दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग गोपालगंज से केसरिया के लिए रवाना, 17 जनवरी को होगी स्थापना

करीब 210 मीट्रिक टन वजनी, ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित यह शिवलिंग विश्व का सबसे बड़ा एकल शिवलिंग माना जा रहा है. शिवलिंग को देखने व पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही.

World Largest Shivling World Largest Shivling
हाइलाइट्स
  • गोपालगंज में पूजा के बाद केसरिया के लिए प्रस्थान

  • महाबलीपुरम से केसरिया तक आस्था की यात्रा

तमिलनाडु के महाबलीपुरम से लाया जा रहे विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की विधि-विधान के साथ पूजा के बाद गोपालगंज से पूर्वी चंपारण के लिए रवाना हो गई. बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी, बिहार राज धार्मिक न्यास परिषद के सचिव सायन कुणाल ने विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की विधिवत पूजा-अर्चना की पूजा के उपरांत यह विशाल शिवलिंग अपने अंतिम गंतव्य, पूर्वी चंपारण के केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना हो गई.

210 टन का है विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग
बता दें कि तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 33 फुट ऊंचा और 33 फुट लंबा शिवलिंग तैयार किया गया था. जिसे पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर में नवनिर्मित विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को स्थापित किया जाएगा. पूरे 30 दिनों में 2178 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर शिवलिंग गोपालगंज पहुंचा है. जहां बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी, बिहार राज धार्मिक न्यास परिषद के सचिव सायन कुणाल समेत आम से लेकर खास लोग स्वागत करने में जुटे हुए थे. शिवलिंग पर जेसीबी मशीन से पुष्प वर्षा भी की गई.

शिवलिंग को देखने के लिए उमड़ा जनसैलाब
करीब 210 मीट्रिक टन वजनी, ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित यह शिवलिंग विश्व का सबसे बड़ा एकल शिवलिंग माना जा रहा है. शिवलिंग को देखने व पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही. वही रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालु शिवलिंग के दर्शन के लिए खड़े नजर आए.

किशोर कुणाल जी का सपना हुआ साकार
बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने पूजा अर्चना के बाद कहा कि यह शिवलिंग सिर्फ पत्थर की आकृति नहीं, बल्कि एक महान संकल्प का प्रतीक है. स्वर्गीय किशोर कुणाल ने सपना देखा था कि ऐसा शिवलिंग बने, जिसके दर्शन और जलाभिषेक से 1008 शिवलिंग के पूजन का पुण्य प्राप्त हो. लंबे समय से ऐसा कोई उदाहरण नहीं था और आज वह सपना साकार हो रहा है. उन्होंने बताया कि यह शिवलिंग पूरी तरह से ग्रेनाइट पत्थर से बना है और इसका निर्माण महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा कराया जा रहा है.

महावीर मंदिर ट्रस्ट की टीम इस पूरे प्रोजेक्ट की लगातार समीक्षा कर रही है ताकि निर्माण और स्थापना पूरी शुद्धता, भव्यता और परंपरा के अनुरूप हो. रामायण मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर बन रहा है. उत्तर प्रदेश के हनुमानगढ़ी से जुड़े संत और श्रद्धालु इस शिवलिंग के स्वागत में गोपालगंज बॉर्डर तक पहुंचे है. मंत्री ने कहा कि हनुमान जी को रुद्र पुत्र माना जाता है, और महादेव स्वयं हनुमान जी के रूप हैं, ऐसे में इस शिवलिंग की स्थापना से बिहार में सनातन परंपरा को नई ऊर्जा और नई शक्ति मिलेगी.

2030 तक पूर्ण होगा मंदिर का निर्माण
बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सचिव सायन कुणाल ने बताया कि लगभग 10 से 12 तारीख के बीच यह शिवलिंग केसरिया पहुंच जाएगा. 17 जनवरी माघ कृष्ण चतुर्दशी के पावन अवसर पर इसकी विधिवत स्थापना की जाएगी. उन्होंने आगे बताया कि विराट रामायण मंदिर का संपूर्ण निर्माण कार्य वर्ष 2030 तक पूरा कर लिया जाएगा. सभी देवी-देवताओं की भव्य प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न होगी और इसके बाद यह मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा.

-विकास दुबे की रिपोर्ट

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