scorecardresearch

Sawan Last Somwar 2026: सावन के आखिरी सोमवार पर दशमी तिथि का बन रहा संयोग, नौकरी-धन और विवाह के लिए करें ये खास उपाय

Sawan Somwar: भगवान शिव की पूजा के लिए सावन के सोमवार बड़े महत्वपूर्ण होते हैं. इस बार सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त 2026 को है. जानें नौकरी, धन, विवाह और मनोकामना पूर्ति के लिए शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और कौन से उपाय करें.

Advertisement
Lord Shiva Lord Shiva

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए विशेष माना जाता है. भगवान शिव की पूजा के लिए सावन के सोमवार बड़े महत्वपूर्ण होते हैं. इसमें मुख्य रूप से शिवलिंग की पूजा होती है और उस पर जल तथा बेल पत्र अर्पित किया जाता है. इसमें विशेष तरह के प्रयोग भी किए जाते हैं. सावन का अंतिम सोमवार इस वर्ष शिव कृपा प्राप्त करने का अंतिम अवसर होगा. इस अवसर पर अपनी कामनाओं को पूर्ण करने का अंतिम प्रयास किया जा सकता है. अंतिम सोमवार पर दशमी तिथि का संयोग बन रहा है. इसके कारण हर तरह की कामनाएं पूरी की जा सकेंगी. इस बार सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त 2026 को है. जानें नौकरी, धन, विवाह और मनोकामना पूर्ति के लिए शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और कौन से उपाय करें.

सावन के सोमवार की पूजा विधि 
प्रातः काल या प्रदोषकाल में स्नान करने के बाद शिव मंदिर जाएं. घर से नंगे पैर जाएं. घर से ही लोटे में जल भरकर ले जाएं. मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें. भगवान को साष्टांग करें, वहीं पर खड़े होकर शिव मंत्र का 108 बार जाप करें. दिन में केवल फलाहार करें. सायं भगवान के मंत्रों का फिर जाप करें. इसके बाद आरती करें. पूजा की समाप्ति पर केवल जलीय आहार ग्रहण करें. अगले दिन पहले अन्न वस्त्र का दान करें तब जाकर व्रत का पारण करें. 

सावन के अंतिम सोमवार के विशेष प्रयोग में क्या करें 
1. संपूर्ण कामनाओं की सिद्धि के लिए:
शिव जी को जल की धारा अर्पित करें. जल अगर अपने घर से भरकर ले जाएं तो उत्तम होगा. नमः शिवाय की 11 माला का जाप करें. 

2. शीघ्र विवाह के लिए: शिव जी को सुगंध और जल अर्पित करें. विवाह में देरी हो रही है या मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा है तो सावन के आखिरी सोमवार को शिवलिंग पर दूध से अभिषेक करने की परंपरा है. इस दिन अविवाहित महिलाएं विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं. ॐ पार्वतीपतये नमः की 11 माला का जाप करें. 

3. संतान सुख के लिए: संतान सुख की कामना रखने वाले दंपति सावन सोमवार पर भगवान शिव का पूजन कर जल और दूध से अभिषेक कर सकते हैं. इसके साथ शिव-पार्वती का ध्यान और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने की परंपरा है. शिव जी को खीर का भोग लगाएं. घी के नौ दीपक जलाएं. ॐ शं शंकराय नमः मंत्र का जाप कम से कम 11 माला करें. 

4. मृत्युतुल्य कष्ट से बचने के लिए और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए: शिव लिंग पर पहले 108 बेलपत्र चढ़ाएं. इसके बाद जल धारा अर्पित करें. फिर ॐ जूं सः माम पालय पालय का 11 माला जाप करें. 

5. अपार धन लाभ के लिए क्या करें: शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करें. इसके बाद उनको जल धारा अर्पित करें.  भगवान शिव को गन्ने का रस अर्पित करें. ॐ नमः शम्भवाय की 11 माला जाप करें. ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें. 

6. नौकरी और करियर के लिए चढ़ाएं ये चीज: यदि नौकरी की तलाश है या करियर में बार-बार रुकावट आ रही है तो सावन के आखिरी सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद बेलपत्र अर्पित करें.बेलपत्र को भगवान शिव का प्रिय माना जाता है.मान्यता है कि श्रद्धा के साथ बेलपत्र अर्पित करने से मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद मिलता है.

7. सुख-शांति के लिए करें ये अर्पण: घर में सुख-शांति और सकारात्मक वातावरण की कामना के लिए शिवलिंग पर चंदन, अक्षत और सफेद फूल अर्पित किए जा सकते हैं.इसके बाद दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें.सावन में शिव पूजा के दौरान जल, बेलपत्र और सफेद फूल अर्पित करना पारंपरिक रूप से प्रचलित है.