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नवरात्र को लेकर दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर में व्यापक तैयारीयां, खूबसूरत फूलों से की गई भवन की सजावट

राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर में नवरात्रि को लेकर व्यापक तैयारियां की गई है.यहां पर भक्तों के प्रवेश के लिए तीन तरफ से गेट बनाए गए हैं. जबकि निकास के लिए दो गेट बनाए गए हैं वहीं सुरक्षा इंतजाम की बात करें तो यहां पर नवरात्रों में दिल्ली पुलिस, अर्ध सैनिक बल,निजी गार्ड और मंदिर के सेवादार तैनात हो रहे हैं.

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Kalkaji Temple Kalkaji Temple

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है. नवरात्रि के पहले दिन मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से खूबसूरती से सजाया गया है. सुबह माता की विशेष आरती की गई, जिसके बाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता कालका के दर्शन करने पहुंच रहे हैं. पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जा रही है. भक्त माता के जयकारे लगाते हुए दर्शन कर रहे हैं. नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर प्रवेश और निकास तक के खास इंतजाम किए हैं.

मंदिर में की गई खास सजावट
दिल्ली के कालकाजी मंदिर में नवरात्रि को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं. पूरे मंदिर परिसर के साथ माता के भवन को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया है. श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रवेश के लिए तीन तरफ से गेट बनाए गए हैं. भक्त मोदी मिल, लोटस टेंपल और नेहरू प्लेस की तरफ से मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं. वहीं, कालकाजी मेट्रो की तरफ से चौथा प्रवेश द्वार पास धारकों के लिए बनाया गया है. मंदिर से बाहर निकलने के लिए मोदी मिल और महंत परिसर की तरफ निकास द्वार बनाए गए हैं.

सुरक्षा के लिए पुलिस और सीसीटीवी से निगरानी
नवरात्रि में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. मंदिर परिसर में पुलिस चौकी बनाई गई है. यहां दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों, निजी सुरक्षा गार्डों और मंदिर के सेवादारों को तैनात किया गया है. इसके अलावा पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है. अनाउंसमेंट के जरिए श्रद्धालुओं को जरूरी सुरक्षा निर्देश भी दिए जा रहे हैं.

रक्तबीज के वध से जुड़ी है मंदिर की मान्यता
कालकाजी मंदिर दिल्ली के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है. यहां पूरे साल श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं, लेकिन नवरात्रि में भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां ने रक्तबीज नामक राक्षस का वध करने के लिए अपना मुंह विशाल रूप में फैलाया था, क्योंकि उसके रक्त की हर बूंद से एक नया राक्षस पैदा हो जाता था. मान्यता है कि मां का वही विस्तारित स्वरूप कालकाजी मंदिर में विराजमान है. नवरात्रि के पहले दिन से ही भक्त माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं.

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