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गणेश उत्सव से पहले ज्वेलर्स की भी हुई 'चांदी'... बन रहे 10 गुना बड़े चांदी के मुकुट, कड़े और पादुकाएं

सूरत के वेसू इलाके में स्थित डी. खुशाल भाई ज्वेलर्स में गणेश उत्सव को लेकर विशेष चांदी के आभूषण तैयार किए जा रहे हैं. गणेश मंडलों और भक्तों की ओर से इन आभूषणों के लिए खास ऑर्डर दिए गए हैं

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गणेश उत्सव को लेकर सूरत शहर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं गणेश उत्सव को लेकर सूरत शहर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं

गणेश उत्सव शुरू होने से पहले ही सूरत में गणपति बप्पा के भव्य स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस बार भक्तों का खास ध्यान बप्पा के श्रृंगार पर है. गणेश प्रतिमाओं के लिए चांदी के बड़े और आकर्षक आभूषण तैयार करवाए जा रहे हैं. इनमें मुकुट, कंठहार, कड़े, पादुकाएं, हाथों के आभूषण और सूंड-कानों के खास गहने शामिल हैं. खास बात यह है कि ये आभूषण सामान्य गहनों से कई गुना बड़े और प्रतिमा के आकार के हिसाब से तैयार किए जा रहे हैं.

गणपति की प्रतिमाओं के लिए बन रहे खास चांदी के गहने
सूरत के वेसू इलाके में स्थित डी. खुशाल भाई ज्वेलर्स में गणेश उत्सव को लेकर विशेष चांदी के आभूषण तैयार किए जा रहे हैं. गणेश मंडलों और भक्तों की ओर से इन आभूषणों के लिए खास ऑर्डर दिए गए हैं. आयोजक चाहते हैं कि इस बार उनके गणपति बप्पा की प्रतिमा का श्रृंगार कुछ अलग और भव्य नजर आए. ज्वेलर्स के मालिक दीपक भाई चौकसी ने बताया कि भक्तों की इच्छा रहती है कि गणपति बप्पा के आभूषण सोने, चांदी या गोल्ड पॉलिश वाले हों. इसी को देखते हुए इस बार कई खास डिजाइन तैयार किए गए हैं.

प्रतिमा के नाप के हिसाब से तैयार होते हैं आभूषण
दीपक भाई चौकसी के मुताबिक, स्थानीय 'सरकार के गणपति जी' के लिए चांदी का एक खास हाथ तैयार किया गया है, जो आशीर्वाद मुद्रा को दर्शाता है. वहीं 'विजन चौराहा गणपति मंडल' की ओर से भगवान गणेश के पूरे श्रृंगार का ऑर्डर दिया गया है. इसमें सिर का मुकुट, कंठहार, हाथों के कड़े, चरण पादुका, सूंड और कानों के विशेष आभूषण शामिल हैं. इन आभूषणों का आकार सामान्य गहनों की तुलना में करीब 10 से 12 गुना तक बड़ा होता है. हर गणेश प्रतिमा की बनावट अलग होने के कारण गहनों को उसके सटीक नाप के अनुसार तैयार किया जाता है.

20 से 22 कारीगरों ने मिलकर तैयार किए गहने
इन खास आभूषणों को तैयार करने में करीब 20 से 22 कुशल कारीगर लगातार काम करते हैं. डिजाइन और मुख्य ढांचा तैयार होने के बाद अलग-अलग काम के लिए विशेषज्ञ कारीगर लगाए जाते हैं. गोल्ड पॉलिशिंग, स्टोन वर्क, नक्काशी और फिनिशिंग के लिए अलग-अलग कारीगर काम करते हैं. गणेश उत्सव की तैयारियां भी बप्पा के आगमन से करीब तीन महीने पहले शुरू हो जाती हैं. अब तैयार किए जा रहे ये भव्य चांदी के आभूषण गणपति की प्रतिमाओं के श्रृंगार में चार चांद लगाने वाले हैं.

गणेश उत्सव से ज्वेलरी कारोबार को भी उम्मीद
गणेश उत्सव का असर बाजार पर भी दिखाई देता है. मूर्तियों और सजावट से लेकर फूल-माला, पूजा सामग्री और ज्वेलरी तक की मांग बढ़ती है. ऐसे में गणपति प्रतिमाओं के लिए चांदी के विशेष आभूषण तैयार होने से ज्वेलर्स कारोबारियों को भी अच्छे कारोबार की उम्मीद है.

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