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Kanwar Yatra 2026: दंडवत, सपाटे और 101 लीटर गंगाजल... तीन दोस्तों की अनोखी कांवड़ यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र

तीनों दोस्त 10 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल भरकर मेरठ के लिए रवाना हुए थे. यात्रा के दौरान तीनों ने भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने का अलग-अलग संकल्प लिया है.

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Kanwar Yatra 2026 Kanwar Yatra 2026

सावन के पवित्र महीने में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों के बीच इस बार एक अनोखी कांवड़ यात्रा लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है. हरिद्वार से मेरठ के लिए निकले तीन दोस्तों की यह टोली अपनी अलग-अलग भक्ति शैली के कारण चर्चा में है. कोई दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहा है, कोई सपाटे मारते हुए यात्रा कर रहा है, तो तीसरा साथी 101 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर दोनों का साथ निभा रहा है. बुधवार रात जब यह टोली मुजफ्फरनगर पहुंची तो श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उनकी आस्था को देखकर जमकर सराहना की.

10 जुलाई को हरिद्वार से शुरू की यात्रा
जानकारी के अनुसार, तीनों दोस्त 10 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल भरकर मेरठ के लिए रवाना हुए थे. यात्रा के दौरान तीनों ने भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने का अलग-अलग संकल्प लिया है.

इनमें सोनू दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी यात्रा कर रहे हैं. वहीं उनके साथी निखिल भोला सपाटे मारते हुए कदम-दर-कदम आगे बढ़ रहे हैं. इनके पीछे चल रहा तीसरा साथी 101 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर यात्रा पूरी कर रहा है.

जहां पहुंच रही टोली, वहीं उमड़ रही भीड़
मुजफ्फरनगर से गुजरते समय तीनों दोस्तों की यह अनोखी कांवड़ यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई. श्रद्धालु उनके साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और उनकी भक्ति, धैर्य और संकल्प की सराहना कर रहे हैं. कई लोग रास्ते में उनका स्वागत कर रहे हैं और जलपान व अन्य सेवाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं.

हर साल दिखती हैं आस्था की अनोखी तस्वीरें
हरिद्वार की हर की पौड़ी से हर साल करोड़ों कांवड़िए गंगाजल लेकर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के लिए रवाना होते हैं. इस दौरान कई शिवभक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर अलग-अलग तरह की कठिन कांवड़ यात्राएं करते हैं. कोई दंडवत कांवड़ लाता है, कोई नंगे पैर सैकड़ों किलोमीटर चलता है, तो कोई भारी-भरकम कांवड़ लेकर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट करता है.