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40 करोड़ श्रद्धालुओं की तैयारी शुरू, सिंहस्थ 2028 को भव्य बनाने में जुटी सरकार, उज्जैन में तेज हुए विकास कार्य

उज्जैन में लगने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला दुनिया के बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है. साल 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले में 35 से 40 कारोड़ श्रद्धालुओं के आने के कयास लगाए गए हैं.

Deliberations regarding the Simhastha fair Deliberations regarding the Simhastha fair

उज्जैन में लगने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला दुनिया के बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है. वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले की तैयारियां अभी से तेज कर दी गई हैं. इस बार मेले में 35 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं पर काम कर रही हैं. इसी सिलसिले में शनिवार को उज्जैन में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें पिछले सिंहस्थ मेले में सेवाएं देने वाले अधिकारियों के अनुभव और सुझाव लिए गए.

पुराने अनुभवों से होगी नई तैयारियां
उज्जैन के एक निजी होटल में 'सिंहस्थ 2016 का अनुभव. सिंहस्थ 2028 का संकल्प' विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान वर्ष 2004 और 2016 के सिंहस्थ मेले में जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को आमंत्रित किया गया. उनसे मेले के दौरान आई चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर सुझाव लिए गए, ताकि वर्ष 2028 के आयोजन को और बेहतर बनाया जा सके.

मुख्यमंत्री ने दिए बेहतर व्यवस्थाओं के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालु महाकाल सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में भी दर्शन के लिए जाएंगे. इसलिए सभी प्रमुख मंदिरों के लिए अलग और प्रभावी योजना तैयार की जानी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी विकास कार्य किए जाएं, उनका लाभ केवल सिंहस्थ तक सीमित न रहे, बल्कि शहर के लोगों और भविष्य में आने वाले श्रद्धालुओं को भी लंबे समय तक मिलता रहे.

सड़क, रेलवे और घाटों का तेजी से हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन आने वाले लगभग सभी प्रमुख मार्गों को फोरलेन बनाया जा रहा है. रेलवे स्टेशन के साथ आसपास के स्टेशनों का भी विस्तार किया जा रहा है, जहां यात्रियों के लिए होल्डिंग एरिया तैयार किए जा रहे हैं. शहर की आंतरिक सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है ताकि यातायात बाधित न हो. इसके अलावा शिप्रा नदी के किनारे नए घाट बनाए जा रहे हैं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए जरूरी व्यवस्थाएं भी विकसित की जा रही हैं.

विरासत के साथ विकास पर सरकार का फोकस
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विरासत से विकास की दिशा में लगातार काम हो रहा है. इसी सोच के तहत सनातन संस्कृति की नगरी उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को भव्य, व्यवस्थित और विश्वस्तरीय बनाने के लिए समय रहते सभी तैयारियां की जा रही हैं.

35 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
उल्लेखनीय है कि उज्जैन में हर 12 वर्ष में सिंहस्थ कुंभ मेले का आयोजन होता है. वर्ष 2028 में मार्च से मई के बीच आयोजित होने वाले इस महाआयोजन में 35 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. इसे देखते हुए सड़क, रेलवे, हवाई सेवा, पुल-पुलिया, घाट और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर व्यवस्था मिल सके.

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