scorecardresearch

नवरात्रि के बाद कलश, नारियल और जौ का क्या करें? जानें पारण के बाद पूजा का सामान रखने और विसर्जित करने का सही तरीका

क्या आपने कभी सोचा है कि नवरात्रि में इस्तेमाल किए गए कलश, नारियल, जौ और पूजा के दूसरे सामान का क्या करना चाहिए? आइए जानते हैं कि नवरात्रि के बाद पूजा के सामान का क्या करना चाहिए.

Advertisement
पारण के बाद पूजा का सामान का क्या करें पारण के बाद पूजा का सामान का क्या करें

शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा और व्रत करने के बाद अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन के साथ महापर्व का समापन होता है. इसके बाद भक्त व्रत का पारण करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नवरात्रि में इस्तेमाल किए गए कलश, नारियल, जौ और पूजा के दूसरे सामान का क्या करना चाहिए? पुराने समय में दादी-नानी भी पूजा के बाद इन चीजों को संभालकर रखने या विसर्जित करने के कुछ खास तरीके अपनाती थीं. आइए जानते हैं कि नवरात्रि के बाद पूजा के सामान का क्या करना चाहिए.

कलश का क्या करें?
नवरात्रि में घटस्थापना के लिए इस्तेमाल किए गए मिट्टी के कलश को पूजा समाप्त होने के बाद किसी साफ जगह पर विसर्जित किया जा सकता है. अगर आपने पीतल, तांबे या किसी दूसरी धातु का कलश इस्तेमाल किया है, तो उसे अच्छी तरह साफ करके अगले पूजा-पाठ में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

कलश में रखा सिक्का कहां रखें?
कई लोग घटस्थापना के समय कलश में जल भरने से पहले एक सिक्का रखते हैं. पूजा पूरी होने के बाद इसे निकालकर साफ कर लें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस सिक्के को तिजोरी, धन रखने की जगह या दुकान के गल्ले में रखा जाता है. इसे सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है.

कलश के जल का क्या करें?
नवरात्रि की पूजा पूरी होने के बाद कलश के जल को घर के अलग-अलग हिस्सों में छिड़क सकते हैं. आप चाहें तो इसे तुलसी या दूसरे पौधों में डाल सकते हैं. पौधे न होने पर किसी पेड़ की जड़ में भी यह जल डाल सकते हैं.

नारियल को कैसे इस्तेमाल करें?
घटस्थापना के समय कलश के ऊपर रखा नारियल पूजा पूरी होने के बाद प्रसाद के रूप में बांटा जा सकता है. इसे कन्या पूजन के दौरान कन्याओं को दें या परिवार के सदस्यों और दूसरे भक्तों में वितरित करें.

नवरात्रि के जौ का क्या करें?
घटस्थापना के समय बोए गए जौ नौ दिनों में अंकुरित हो जाते हैं. इन्हें धार्मिक मान्यताओं में सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. पूजा के बाद जौ को किसी साफ जगह पर रखें और स्थानीय परंपरा के अनुसार विसर्जित करें. इन्हें कूड़े या गंदी जगह पर फेंकने से बचें.

अखंड ज्योत और फूल-माला का क्या करें?
नवरात्रि में जलाई गई अखंड ज्योत के दीपक को पूजा के बाद सम्मानपूर्वक संभालकर रखें. मिट्टी का दीपक हो तो स्थानीय परंपरा के अनुसार उसका निपटान करें. धातु के दीपक को साफ करके दोबारा पूजा में इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, चढ़ाए गए फूल और माला को किसी साफ जगह पर रखें या स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार विसर्जित करें.

ध्यान रखें कि पूजा सामग्री के निपटान के तरीके अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग हो सकते हैं. नदी या तालाब में प्लास्टिक, धातु या अन्य गैर-जैविक सामग्री न डालें. श्रद्धा के साथ पूजा सामग्री का सम्मानजनक और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से निपटान करना बेहतर है.

ये भी पढ़ें: