scorecardresearch

मेट्रो, ट्रेन और बस... हर किसी के हाथ में दिख रहा मिनी फैन, लेकिन क्या आप जानते हैं यह छोटा गैजेट पर्यावरण के लिए कितना बड़ा खतरा है?

ज्यादातर मिनी फैन ऐसे डिजाइन किए जाते हैं जिन्हें खोलना आसान नहीं होता. इनमें लगी बैटरी अक्सर चिपकाकर फिट की जाती है. इनके स्पेयर पार्ट्स बाजार में नहीं मिलते और रिपेयर गाइड भी उपलब्ध नहीं होती.

Handheld Fan: Photo: Unsplash Handheld Fan: Photo: Unsplash
हाइलाइट्स
  • फेंकें नहीं, सही तरीके से करें रीसाइक्लिंग

  • अंदर छिपी होती हैं कई कीमती धातुएं

गर्मी और उमस बढ़ते ही मेट्रो, ट्रेन, बस, पार्क और बाजारों में सभी के हाथ में मिनी या पोर्टेबल फैन जरूर नजर आता है. आजकल इसका ट्रेंड थोड़ा और बढ़ गया है... 500 रुपए से भी कम कीमत में मिलने वाला यह छोटा गैजेट लोगों को गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इसकी वजह से पर्यावरण को बहुत ज्यादा नुकसान झेलना पड़ता है.

यह फास्ट टेक का नया चेहरा है. यानी ऐसे सस्ते इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट, जिन्हें जल्दी खरीद लिया जाता है, कुछ समय इस्तेमाल किया जाता है और फिर फेंक दिया जाता है. यही वजह है कि ये मिनी फैन ई-वेस्ट की बड़ी वजह बन रहे हैं.

अंदर छिपी होती हैं कई कीमती धातुएं
एक हैंडहेल्ड फैन का वजन भले ही करीब 200 ग्राम हो, लेकिन इसके अंदर प्लास्टिक, कॉपर वायर, रेयर अर्थ मैग्नेट, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड और रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी लगी होती है. इन सभी को बनाने के लिए लिथियम और कॉपर जैसी धातुओं की खनन प्रक्रिया में भारी मात्रा में ऊर्जा और पानी खर्च होता है. यानी एक छोटा फैन भी पर्यावरण पर बड़ा असर डालता है.

हर साल बढ़ रही बिक्री, साथ बढ़ रहा ई-वेस्ट
शोध के अनुसार, सिर्फ ब्रिटेन में 2026 के दौरान 80 लाख से ज्यादा हैंडहेल्ड फैन खरीदे जाने का अनुमान है. यदि मौजूदा रुझान जारी रहे तो 2030 तक यह संख्या लगभग एक करोड़ तक पहुंच सकती है. गर्मी बढ़ने पर इसकी बिक्री और तेज हो जाती है. परेशानी की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर सालभर के भीतर खराब हो जाती है और बड़ी मात्रा में ई-वेस्ट में बदल जाती है.

Handheld Fan
Handheld Fan

क्यों नहीं हो पाते आसानी से रिपेयर?
ज्यादातर मिनी फैन ऐसे डिजाइन किए जाते हैं जिन्हें खोलना आसान नहीं होता. इनमें लगी बैटरी अक्सर चिपकाकर फिट की जाती है. इनके स्पेयर पार्ट्स बाजार में नहीं मिलते और रिपेयर गाइड भी मौजूद नहीं होती. ऐसे में नया फैन खरीदना, पुराने को ठीक कराने से सस्ता पड़ता है. यही वजह है कि लोग खराब होने पर इन्हें सीधे फेंक देते हैं.

बैटरी बन सकती है आग की वजह
हैंडहेल्ड फैन में लगी लिथियम-आयन बैटरी कचरे में जाने के बाद बड़ा खतरा पैदा कर सकती है. यदि कचरा ढोने वाले वाहन या रीसाइक्लिंग प्लांट में बैटरी दब जाए या फट जाए तो आग लगने का जोखिम बढ़ जाता है. दुनिया भर में ई-वेस्ट प्रबंधन के दौरान बैटरी से लगने वाली आग एक गंभीर समस्या बन चुकी है.

खरीदने से पहले खुद से पूछें ये सवाल
हर किसी के लिए मिनी फैन जरूरी नहीं है. खरीदने से पहले यह सोचें कि क्या वास्तव में इसकी जरूरत है? क्या कम फीचर वाला और टिकाऊ मॉडल लिया जा सकता है? क्या कंपनी वारंटी या रीसाइक्लिंग की सुविधा देती है? और क्या आप इसे कई साल तक इस्तेमाल करेंगे? अगर इन सवालों का जवाब नहीं है, तो ऐसे फैन खरीदने से बचें.

फेंकें नहीं, सही तरीके से करें रीसाइक्लिंग
अगर आपका हैंडहेल्ड फैन खराब हो गया है, तो उसे कभी भी घर के सामान्य कूड़ेदान में न फेंकें. क्योंकि इसमें मौजूद बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर्यावरण और सुरक्षा दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं. इसे ई-वेस्ट कलेक्शन सेंटर, अधिकृत रीसाइक्लिंग सेंटर या ऐसे स्टोर पर जमा करें, जहां छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को रीसायकल करने की सुविधा उपलब्ध हो.