Data Storage
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डिजिटल दौर में सबसे बड़ी चुनौती है डेटा को लंबे समय तक सुरक्षित रखना. हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और मैग्नेटिक टेप जैसी मौजूदा तकनीकें कुछ साल या ज्यादा से ज्यादा कुछ दशकों में खराब हो जाती हैं. लेकिन अब वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जो डेटा को 10,000 साल से भी ज्यादा समय तक सुरक्षित रख सकती है.
ग्लास पर डेटा एनकोड करने की तकनीक
ब्रिटेन के कैंब्रिज स्थित Microsoft Research की Project Silica टीम ने लेजर की मदद से ग्लास पर डेटा एनकोड करने की तकनीक विकसित की है. इस नई तकनीक में बेहद शक्तिशाली और सटीक लेजर किरणों से कांच की पतली प्लेट के अंदर सूक्ष्म स्तर पर डेटा लिखा जाता है. यह प्रक्रिया सामान्य सतह पर नहीं, बल्कि कांच की परतों के अंदर होती है, जिससे बाहरी नुकसान का असर नहीं पड़ता.
क्यों खास है यह तकनीक?
वैज्ञानिकों के अनुसार, कांच में स्टोर किया गया डेटा नमी, तापमान में उतार-चढ़ाव और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस से प्रभावित नहीं होता. यानी बाढ़, आग या तेज गर्मी जैसी परिस्थितियों में भी यह सुरक्षित रह सकता है. यही वजह है कि इसे लंबी समय के लिए भरोसेमंद विकल्प माना जा रहा है.
वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे मैग्नेटिक टेप और हार्ड डिस्क ड्राइव समय के साथ खराब हो जाते हैं. इनमें मौजूद मैग्नेटिक लेयर कमजोर पड़ जाती है, जिससे डेटा डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है. इसके उलट, कांच पर लेजर से लिखा गया डेटा हमेशा के लिए मौजूद रहता है.
किन सेक्टर्स में होगा फायदा?
यह तकनीक कानूनी दस्तावेज, सरकारी रिकॉर्ड, ऐतिहासिक दस्तावेज, व्यक्तिगत यादें और कंपनियों के अहम डेटा को सुरक्षित रखने में क्रांतिकारी साबित हो सकती है. Project Silica टीम का कहना है कि भविष्य में डेटा सेंटर्स का स्वरूप बदल सकता है. जहां आज बड़े-बड़े सर्वर और कूलिंग सिस्टम की जरूरत पड़ती है, वहीं कांच की छोटी-सी स्लैब में भारी मात्रा में जानकारी स्टोर की जा सकेगी.