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NASA Frank Rubio: 371 दिन स्पेस में बिताकर लौटा अमेरिकी एस्ट्रोनॉट, तोडा अंतरिक्ष में रहने का पिछला रिकॉर्ड 

NASA Frank Rubio: फ्रैंक रुबियो ने स्पेस में 1 साल तक रहने का रिकॉर्ड बनाया है. ये रिकॉर्ड 11 सितंबर को बनाया गया है. इसके लिए फ्रैंक रुबियो स्पेस में 371 दिन तक रहे.

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NASA Frank Rubio NASA Frank Rubio
हाइलाइट्स
  • स्पेसक्राफ्ट में हो गई थी परेशानी

  • तीनों की हुई सुरक्षित घर वापसी

आए दिन नए-नए रिकॉर्ड बनते हैं और टूटते हैं. अब इतिहास में पहली बार अमेरिकी एस्ट्रोनॉट 371 दिन स्पेस में बिताकर धरती पर लौटे हैं. 
ये और कोई नहीं बल्कि फ्रैंक रुबियो हैं. बुधवार को उन्हें एस्ट्रोनॉट फ्रैंक रुबियो को कजाकिस्तान के एक दूरदराज इलाके में सोयुज कैप्सूल से उतारा गया. उनके साथ रूसी सर्गेई प्रोकोपीयेव (Prokopyev) और दिमित्री पेतेलिन (Petelin) भी स्पेस से वापस लौटे हैं.

स्पेस में रहने का पिछला रिकॉर्ड तोड़ा

बताते चलें कि फ्रैंक रुबियो ने स्पेस में 1 साल तक रहने का रिकॉर्ड बनाया है. ये रिकॉर्ड 11 सितंबर को बनाया गया है. इसके लिए फ्रैंक रुबियो स्पेस में 371 दिन तक रहे. इससे पहले अमेरिका के एस्ट्रोनॉट मार्क वांडे हेई के नाम पर ये रिकॉर्ड था. मार्क ने 355 दिन स्पेस में बिताए थे. हालांकि, सस्बे ज्यादा समय स्पेस में बिताने का रिकॉर्ड रूसी एस्ट्रोनॉट वलेरी पोलीयाकोव के नाम है. रूसी एस्ट्रोनॉट वलेरी ने 437 दिन स्पेस में बिताए थे.

तीनों की हुई सुरक्षित घर वापसी

फ्रैंक रुबियो ने सर्गेई प्रोकोपियेव और दिमित्री पेटेलिन के साथ, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से विदाई ली थी. अब बुधवार को कजाकिस्तान के द्झेज्काजगन के दक्षिण-पूर्व में पैराशूट की मदद से सेफ लैंडिंग हुई है.

फ्रैंक का किया सभी ने स्वागत

नासा के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने फ्रैंक रुबियो की प्रशंसा की. फ्रैंक रुबियो ने 21 सितंबर, 2022 को अपना ये सफर शुरू किया था. स्पेस स्टेशन में रहते हुए धरती के चारों तरफ उन्होंने 5963 चक्कर लगाए. चंद्रमा की यात्रा के लिहाज से देखें तो इस  दौरान उन्होंने 328 यात्राओं और वापसी के बराबर की दूरी तय की. 

उनके मिशन ने कई जरूरी रिसर्च में योगदान दिया.  इतना ही नहीं आर्टेमिस के माध्यम से चंद्र मिशन और मंगल ग्रह की यात्रा की तैयारी के लिए नासा की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए मंच तैयार किया है.

स्पेसक्राफ्ट में हो गई थी परेशानी 

शुरुआत में जब वापसी की योजना बनाई गई तब Soyuz MS-22 स्पेसक्राफ्ट में परेशानी के चलते ऐसा नहीं हो पाया. पहले फ्रैंक रुबियो को 180 दिन के लिए ही इस मिशन पर भेजा गया था.  स्पेसक्राफ्ट में कूलिंग सिस्टम खराब होने की वजह से एस्ट्रोनॉट को रुकना पड़ा. हालांकि, रुबियो और उनकी टीम सोयुज MS-23 पर सवार होकर सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर उतरे.

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