Face Mask
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कोविड-19 के बाद से मास्क हमारी आम-सी जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं. हालांकि, मास्क को डीकंपोज (Decompose) करने को लेकर काफी रिसर्च चल रही है. अब मास्क के खराब हो जाने के बाद भी उसके कार्बन का इस्तेमाल किया जा सकेगा. रिसर्चर्स ने एक ऐसा प्रोसेस डेवलप किया है जिससे खराब फेसमास्क में मिलने वाले कार्बन को हाई क्वालिटी सिंगल वॉल्ड कार्बन नैनोट्यूब (CNTs) में बदला जा सकता है. शोधकर्ताओं ने इसके लिए ग्रीन केमेस्ट्री का इस्तेमाल किया है.
लाइट-वेट बैटरी बनाने में कर सकते हैं इस्तेमाल
इतना ही नहीं बल्कि इस तकनीक से बनने वाली CNTs का इस्तेमाल लाइट-वेट बैटरी बनाने के लिए भी किया जा सकता है. बता दें, हम अक्सर लाइट-वेट बैटरी को इलेक्ट्रिक वाहन से लेकर ड्रोन में उपयोग करते हैं. इस प्रोसेस में लगने वाली ऊर्जा लागत की भी जांच की गई. जिसका निष्कर्ष निकाला गया कि यह संसाधन खपत के साथ-साथ मूल्य उत्पादन के मामले में पर्यावरण के अनुकूल है.
सिंगल यूज फेस मास्क है काम की चीज
इस रिसर्च को करने वाले एल्विन ओरबेक व्हाइट कहते हैं, "सिंगल यूज फेस मास्क को रीसाइक्लिंग प्रोसेस में नहीं आते हैं. वे बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरे का निर्माण करते हैं. जिसका ज्यादातर भाग हमारे महासागरों में जाता है. रिसर्च के दौरान, हमने पाया कि फेस मास्क के अंदर कार्बन का उपयोग सीएनटी जैसी उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री बनाने के लिए एक बहुत अच्छे फीडस्टॉक के रूप में किया जा सकता है. अपने गुणों के लिए सीएनटी की बाजार में काफी मांग है. बाजार में इसका मूल्य भी ज्यादा है. ऐसे में मास्क में पाए जाने वाले कार्बन को हम इसके लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.”
महासागरों में किया जा रहा है डिकंपोज
गौरतलब है कि मई 2020 में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैश्विक मासिक आवश्यकता 45 मिलियन फेसमास्क का अनुमान लगाया था. जिसमें 2020 में कुल 52 बिलियन फेसमास्क का उत्पादन किया गया. अनुमान है कि इनमें से 1.5 और 2 बिलियन के बीच फेसमास्क महासागरों में कचरे के रूप में डिकंपोज कर दिए गए.