देशभर में गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ विभिन्न शहरों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं और आयोजनों से जुड़े कई प्रमुख विवरण सामने आए हैं। पुणे में श्री विघ्नहर्ता गणपति का पेशवाकालीन पोशाक और 200 साल पुराने ऐतिहासिक आभूषणों से श्रृंगार किया गया, जबकि इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में प्रतिमा को हीरे जड़ी आंखें और लगभग सात करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण पहनाए गए। मुंबई में लालबाग के राजा का सोने का श्रृंगार और हैदराबाद में 24 कैरेट गोल्ड प्लेटेड गणेश प्रतिमा स्थापित की गई। नासिक में 24 कैरेट सोने की परत वाला मोदक तैयार किया गया, जिसकी कीमत 27 हजार रुपये प्रति किलो है। मुंबई में ब्रिक्स सम्मेलन की थीम पर पंडाल बनाया गया और जामनगर में आयोजित लड्डू प्रतियोगिता में महिलाओं ने भाग लिया। वहीं राजस्थान के पोखरण में भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित 'ड्रोनाथॉन 2026' में रक्षा उद्योग और स्टार्टअप्स ने स्वदेशी मानवरहित विमान प्रणालियों और काउंटर ड्रोन तकनीकों का प्रदर्शन किया। दिल्ली के क्राफ्ट म्यूजियम में 'BRICS बाजार' के तहत 18 देशों के कारीगरों ने पारंपरिक शिल्प प्रस्तुत किया। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के बर्धमान में 'कॉइन एग्जिबिशन 2026' के दौरान 1600 साल पुराने सिक्कों, ब्रिटिश कालीन मुद्रा, आजाद हिंद फौज के मेडल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के हस्तलिखित पत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई.