अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को रामचरितमानस की लगभग 300 साल पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपि प्राप्त हुई है। देवनागरी लिपि में लिखी इस धरोहर को कुमारगंज के जगजीत सिंह ने संग्रहालय को दान किया है। जगजीत सिंह के अनुसार, यह उनके पूर्वजों की विरासत है जिसे लकड़ी की कलम और पौधों के रस से बनी स्याही से लिखा गया था। संग्रहालय के निदेशक संजीव कुमार सिंह ने बताया कि सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण का अभियान चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, बुलेटिन में भोपाल में आयोजित NSG (National Security Guard) की आतंकवाद विरोधी ड्रिल का प्रदर्शन किया गया, जिसमें ब्लैक कैट कमांडोज ने अपनी वीरता और तकनीक का परिचय दिया। अंत में, रणथंबोर टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या और उनके बीच क्षेत्रीय वर्चस्व (Territory) को लेकर होने वाले संघर्ष पर भी चर्चा की गई, जहाँ 1700 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र अब बाघों के लिए कम पड़ने लगा है।