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माघ मेले में लग्जरी का तड़का! काशी के जगतगुरु महामंडलेश्वर सतुआ बाबा के पास डिफेंडर और पोर्शे जैसी कार, देखिए रिपोर्ट

16 जनवरी 2026

अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात करेंगे माघ मेले के अलग-अलग रंगों की...माघ मेले में वैसे तो कई रंग बिखरे हैं, अलग-अलग साधु संतों की चर्चा मेले में हो रही है,लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में अगर कोई है, तो वो हैं काशी के जगतगुरु महामंडलेश्वर सतुआ बाबा. जिनकी लग्जरी कारें सुर्खियों में हैं। पहले 1.5 करोड़ की लैंड रोवर डिफेंडर, उसके बाद लगभग 3 करोड़ की पोर्शे टेकैन और अब बाबा की एक और कार चर्चा में है, इस बार सतुआ बाबा अपनी नई मर्सिडीज़ कार माघ मेले में लेकर पहुंचे हैं.

प्रयागराज संगम में 1 करोड़ से अधिक लोगों ने लगाई डुबकी, देखिए अलग-अलग शहरों से आई ये रिपोर्ट

15 जनवरी 2026

अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात करेंगे मकर संक्रांति पर होने वाले पवित्र स्नान की... मकर संक्रांति का पावन पर्व आज देशभर में पूरे उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ आस्था की डुबकी लगाई गई...संगमनगरी में लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर पुण्य के भागी बने। प्रयागराज संगम में 1 करोड़ 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने स्नान किया.

प्रयागराज से लेकर काशी तक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट

15 जनवरी 2026

अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात मकर संक्रांति पर होने वाले पवित्र स्नान की.. मकर संक्रांति का पावन पर्व आज देशभर में पूरे उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ आस्था की डुबकी लगाई गई...सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के इस शुभ अवसर पर, पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करने की सदियों पुरानी परंपरा है। संगम की रेती पर माघ मेले में लाखों श्रद्धालुओं और साधुओं ने पवित्र स्नान किया, तो धर्मनगरी हरिद्वार में हर की पौड़ी पर भी भक्तों का हुजूम देखने को मिला...

माघ मेला में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब, देखिए मेला के रंग GNT के संग

14 जनवरी 2026

अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात माघ मेले के अद्भुत रंगों की, प्रयागराज की त्रिवेणी संगम नगरी में इस वक्त आस्था का महाकुंभ यानी माघ मेला अपने पूरे शबाब पर है। माघ मेले में इस बार परंपरा, आधुनिकता और अध्यात्म के अनूठे रंग देखने को मिल रहे हैं, एक तरफ भक्तों की तादाद लगातार संगम तट परर बढ़ती जा रही है, तो दूसरी तरफ इस महा समागम में लग्जरी और पर्यावरण के रंग भी घुल गए हैं, जहां सतुआ बाबा की करोड़ों की कार सुर्खियां बटोर रही है, तो 350 साल पूरानी परंपरा का रंग भी देखने को मिल रहा है, साइकिल चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश एक संत दे रहे हैं, तो 36 साल से जल रही अखंड ज्योति से लेकर 5 करोड़ रुद्राक्षों से बने भव्य शिवलिंग तक, माघ मेले की शोभा बढ़ा रहे हैं।

फटीचर बाबा... मैकेनिकल बाबा... 20 साल से अन्न नहीं खाने वाले बाबा, मकर संक्रातिं से पहले बढ़ी माघ मेले की रौनक

13 जनवरी 2026

प्रयागराज में संगम के पावन तट पर आजकल माघ मेले की रौनक चरम पर है. देश के कोने-कोने से आए अद्भुत अनोखे साधु संन्यासी और हठयोगी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. इन साधुओं की दिव्य दिनचर्या और साधना देखकर सनातन धर्म की गहराई का अंदाजा लगाना आसान नहीं रह जाता. कोई ऐसा है जिसने 20 वर्षों से अन्न का एक दाना मुंह में नहीं डाला है तो कोई अपनी जटाओं में ही जौ उगा रहा है. माघ मेले के मुख्तलिफ रंगों से पिरोए इस रिपोर्ट को देखिए.

सोमनाथ धाम में पहुंचे पीएम मोदी, ओंकार मंत्र जाप में हुए शामिल

10 जनवरी 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के सोमनाथ धाम में आयोजित 'स्वाभिमान पर्व' के तीसरे दिन शामिल हुए. इस अवसर पर उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे. पीएम मोदी ने मंदिर में पूजा-अर्चना और अनुष्ठान करने के बाद ओंकार मंत्र जाप में हिस्सा लिया. यह पर्व सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी द्वारा किए गए पहले आक्रमण के 1000 साल पूरे होने और मंदिर के गौरवशाली पुनर्विकास की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है. इस आयोजन में बड़ी संख्या में साधु-संत और ब्राह्मण भी भाग ले रहे हैं. कार्यक्रम के दौरान सोमनाथ के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें गजनवी द्वारा किए गए विध्वंस और स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल और के.एम. मुंशी के प्रयासों से हुए इसके पुनर्निर्माण का जिक्र शामिल है. इस उत्सव के तहत मंदिर में भव्य सजावट, रोड शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम, 108 अश्व सवारों के साथ एक शौर्य यात्रा और महाआरती का भी आयोजन किया गया है.

प्रयागराज में मिनी कुंभ की धूम, बसंत पंचमी पर वैष्णव संप्रदाय के तीन अखाड़े अमृत स्नान में होंगे शामिल

10 जनवरी 2026

अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात तीर्थराज प्रयाग में जारी आस्था के समागम माघ मेले की... गुड न्यूज ये है कि माघ मेला इस बार केवल कल्पवास और साधना तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि कुंभ और महाकुंभ की परंपरा को आत्मसात करते हुए अमृत स्नान का साक्षी भी बनेगा.

संगम तट पर उमड़ रहा आस्था का सैलाब, देखिए माघ मेला पर हमारी ये खास रिपोर्ट

09 जनवरी 2026

अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात करेंगे, तीर्थ राज प्रयाग में जारी आस्था के समागम माघ मेले की, प्रयागराज की पावन धरती पर माघ मेले की छटा निराली है। कड़ाके की ठंड के बावजूद त्रिवेणी संगम पर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है. दूर-दूर से भक्त माघ मेले में शामिल होने और पुण्य कामनाओं के साथ पहुंच रहे हैं

माघ मेले की सुरक्षा चाक चौबंद, UP ATS और NDRF की टीम ने मेला क्षेत्र में मॉक ड्रिल कर तैयारियों को लिया जायज़ा

08 जनवरी 2026

Good News Today के इस बुलेटिन में देखिए 2026 की तीन बड़ी खबरें. सबसे पहले, जयपुर में पहली बार आयोजित होने वाली 78वीं Army Day Parade की तैयारियां, जिसका निरीक्षण Lt Gen Manjinder Singh करेंगे. दूसरी खबर गाजियाबाद के Yug Nagar और Nandini Nagar की है, जिन्होंने स्केटिंग से अयोध्या तक 750 किमी का सफर तय किया. Yug Nagar ने बताया: 'यह यात्रा हमने अपने परम पूज्य सतगुरु श्री रीतेश्वर महाराज के लिए करी है.' इसके अलावा, प्रयागराज में Magh Mela 2026 की सुरक्षा पर भी खास रिपोर्ट.

माघ मेले में भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे का मास्टर प्लान, तीर्थयात्रियों को नहीं होगी कोई दिक्कत, देखिए रिपोर्ट

07 जनवरी 2026

प्रयागराज के माघ मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को संभालने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशांशु शर्मा ने पहली बार 'कलर कोडेड टिकट सिस्टम' और मल्टीलेयर क्राउड कंट्रोल प्लान लागू किया है. शशांशु शर्मा ने बताया कि 'प्रत्येक जो रंग है, वह एक विशेष दिशा को बताता है' जैसे लाल रंग लखनऊ और नीला रंग पंडित दीनदयाल उपाध्याय दिशा के लिए है. मेले में हठयोगी शंकरपुरी और 43 किलो रुद्राक्ष पहनने वाले मौनी महाराज भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.

माघ मेले में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़, देखिए संगम तट से हमारी ये रिपोर्ट

06 जनवरी 2026

3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर संगम में आस्था की पवित्र डुबकी के साथ ही प्रयागराज में माघ मेले का श्रीगणेश हो चुका है. अगले एक महीने तक देश और दुनिया से सनातनी श्रद्धालु प्रयागराज आकर पवित्र संगम में डुबकी लगाकर अपने पाप-ताप-संताप तिरोहित करेंगे. माघ मेले के दौरान होने वाले कल्पवाप का सनातन में अद्भुत महात्म्य है. मान्यता है कि एक महीने के कठिन कल्पवास को जो लगातार 12 वर्षों तक पूरा कर लेता है वो जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त होकर मोक्ष का अधिकारी हो जाता है. क्या है कल्पवास और क्या है इससे जुड़ी मान्यताएं जानने के लिए देखिए हमारी स्पेशल रिपोर्ट.