प्रयागराज में माघ मेले के चौथे मुख्य स्नान पर्व बसंत पंचमी के अवसर पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए हैं, जहां लाखों लोग आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. वहीं, मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में गुलाल उड़ाकर 40 दिवसीय रंगोत्सव का शुभारंभ किया गया. चिकित्सा जगत से बड़ी खबर दिल्ली के आरएमएल (RML) अस्पताल से आई है, जहां डॉ. रवि रंजन ने एक 30 वर्षीय महिला के घुटने की जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया.
अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात आस्था और श्रद्धा के अनूठे रंगों की. प्रयागराज में संगम की रेती पर एक ऐसा संसार बसा है, जिसकी दिव्यता और भव्यता शिखर पर है. जहां भक्तों की अद्भुत आस्था है, वहीं साधु संत की घोर तपस्या और धार्मिक अनुष्ठानों की सुगंध भी है लेकिन इन सबके दरमियान तैयारियां तेज़ है. वसंत पंचमी के पावन पर्व पर होने वाले पवित्र स्नान की. जिसकी रौनक संगम की रेती अभी से दिख रही है.
अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात करेंगे माघ मेले की, बसंत के स्वागत को तैयार संगम की रेती पर आस्था के अलग अलग रंग देखने के लिए मिल रहे हैं.. कोई श्रद्धालुओं को गर्म भोजन करा रहा है, तो कोई चाय और प्रसाद बांटकर पुण्य कमा रहा है। साधु संतों के शिविरों में पूजा और भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप भोजन बांटा जा रहा है.
अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात करेंगे, माघ मेले में होने वाले एक और महास्नान की. प्रयागराज की पावन धरा पर चल रहा माघ मेले में अब अगला प्रमुख स्नान बसंत पंचमी पर होना है। 23 जनवरी को होने वाला ये महा स्नान न केवल ज्ञान की देवी सरस्वती की आराधना का पर्व है, बल्कि इस बार, संगम तट एक नई ऐतिहासिक परंपरा का गवाह भी बनने जा रहा है। मौनी अमावस्या पर साढ़े चार करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्नान किया था.. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है की इस बार बसंत पंचमी पर भी भक्तों का सैलाब उमड़ेगा, लिहाजा तैयारियां जोरों पर हैं.
प्रयागराज माघ मेले के तीसरे मुख्य स्नान पर्व 'मौनी अमावस्या' के अवसर पर त्रिवेणी संगम तट पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. प्रशासन द्वारा संगम पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई. इस विशेष बुलेटिन में अखाड़ों के साधु-संतों, नागा साधुओं और किन्नर अखाड़े की भागीदारी के साथ एक हठयोगी की 3752 किमी की कठिन परिक्रमा का विवरण दिया गया है. इसके अतिरिक्त, कश्मीर में निर्माणाधीन 13 किलोमीटर लंबी रणनीतिक जोजिला सुरंग की प्रगति पर रिपोर्ट शामिल है, जिसका 90% कार्य पूर्ण हो चुका है. यह सुरंग श्रीनगर और लेह के बीच साल भर संपर्क सुनिश्चित करेगी. बुलेटिन में दिल्ली के विश्व पुस्तक मेले की रौनक, देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में उमड़ी भीड़, मोढेरा सूर्य मंदिर का उत्तरार्ध महोत्सव और मंगलुरु का इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल भी प्रमुखता से दिखाए गए हैं. अंत में सोनमर्ग में हुई एक कार दुर्घटना का वीडियो साझा किया गया है, जिसमें चालक की जान चमत्कारिक रूप से बच गई.
प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम तट पर माघ मेले का भव्य आयोजन हो रहा है. मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व पर त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए करीब 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है. इस वर्ष मौनी अमावस्या पर सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल के मकर राशि में होने से दुर्लभ महासंयोग बन रहा है. 850 हेक्टेयर में फैली माघ मेला सिटी में 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां और रंग-बिरंगे टेंट आकर्षण का केंद्र हैं. आध्यात्मिक साधना के अंतर्गत किन्नर अखाड़े की महंत ऋतु नंदगिरी कड़ाके की ठंड के बीच जनकल्याण के लिए कठिन जल साधना और मौन व्रत कर रही हैं. प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और हेलीकॉप्टर के जरिए पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है. सनातन संस्कृति का यह समागम महाशिवरात्रि तक जारी रहेगा, जिसमें देश-विदेश से भक्त शामिल हो रहे हैं. संगम नोज पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है.
अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात करेंगे माघ मेले के अलग-अलग रंगों की...माघ मेले में वैसे तो कई रंग बिखरे हैं, अलग-अलग साधु संतों की चर्चा मेले में हो रही है,लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में अगर कोई है, तो वो हैं काशी के जगतगुरु महामंडलेश्वर सतुआ बाबा. जिनकी लग्जरी कारें सुर्खियों में हैं। पहले 1.5 करोड़ की लैंड रोवर डिफेंडर, उसके बाद लगभग 3 करोड़ की पोर्शे टेकैन और अब बाबा की एक और कार चर्चा में है, इस बार सतुआ बाबा अपनी नई मर्सिडीज़ कार माघ मेले में लेकर पहुंचे हैं.
अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात करेंगे मकर संक्रांति पर होने वाले पवित्र स्नान की... मकर संक्रांति का पावन पर्व आज देशभर में पूरे उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ आस्था की डुबकी लगाई गई...संगमनगरी में लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर पुण्य के भागी बने। प्रयागराज संगम में 1 करोड़ 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने स्नान किया.
अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात मकर संक्रांति पर होने वाले पवित्र स्नान की.. मकर संक्रांति का पावन पर्व आज देशभर में पूरे उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ आस्था की डुबकी लगाई गई...सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के इस शुभ अवसर पर, पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करने की सदियों पुरानी परंपरा है। संगम की रेती पर माघ मेले में लाखों श्रद्धालुओं और साधुओं ने पवित्र स्नान किया, तो धर्मनगरी हरिद्वार में हर की पौड़ी पर भी भक्तों का हुजूम देखने को मिला...
अच्छी और सच्ची खबरों में सबसे पहले बात माघ मेले के अद्भुत रंगों की, प्रयागराज की त्रिवेणी संगम नगरी में इस वक्त आस्था का महाकुंभ यानी माघ मेला अपने पूरे शबाब पर है। माघ मेले में इस बार परंपरा, आधुनिकता और अध्यात्म के अनूठे रंग देखने को मिल रहे हैं, एक तरफ भक्तों की तादाद लगातार संगम तट परर बढ़ती जा रही है, तो दूसरी तरफ इस महा समागम में लग्जरी और पर्यावरण के रंग भी घुल गए हैं, जहां सतुआ बाबा की करोड़ों की कार सुर्खियां बटोर रही है, तो 350 साल पूरानी परंपरा का रंग भी देखने को मिल रहा है, साइकिल चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश एक संत दे रहे हैं, तो 36 साल से जल रही अखंड ज्योति से लेकर 5 करोड़ रुद्राक्षों से बने भव्य शिवलिंग तक, माघ मेले की शोभा बढ़ा रहे हैं।
प्रयागराज में संगम के पावन तट पर आजकल माघ मेले की रौनक चरम पर है. देश के कोने-कोने से आए अद्भुत अनोखे साधु संन्यासी और हठयोगी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. इन साधुओं की दिव्य दिनचर्या और साधना देखकर सनातन धर्म की गहराई का अंदाजा लगाना आसान नहीं रह जाता. कोई ऐसा है जिसने 20 वर्षों से अन्न का एक दाना मुंह में नहीं डाला है तो कोई अपनी जटाओं में ही जौ उगा रहा है. माघ मेले के मुख्तलिफ रंगों से पिरोए इस रिपोर्ट को देखिए.