सावन के पवित्र महीने में उत्तर भारत के मठ-मंदिरों में झूलन उत्सव की भव्य रौनक देखने को मिल रही है. मथुरा और अयोध्या से लेकर राजस्थान के सीकर और पाली तक, मंदिरों में भगवान के श्रीविग्रह को सोने, चांदी और फूलों से सजे झूलों पर विराजा गया है. अयोध्या के लगभग पांच हजार मंदिरों में भजन-कीर्तन और कजरी गीतों के साथ यह उत्सव मनाया जा रहा है. वहीं, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में काष्ठ शिल्प के जरिए कारीगर अंकुर और उनका परिवार जन्माष्टमी के लिए कान्हा जी के आकर्षक झूले, बेड और सिंहासन तैयार कर रहे हैं. इसके अलावा, आगामी रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में खासी चहल-पहल है. इस बार भाइयों के लिए 925 स्टरलिंग सिल्वर राखियां और राजस्थान की 400 साल पुरानी प्रसिद्ध थेवा कला से निर्मित गोल्ड टच राखियां बहनों की पहली पसंद बनी हुई हैं.