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Mahakumbh में सजा नागा साधुओं का संसार, मिलिए 15 साल के साधु से जो 6 माह की उम्र से ही रह रहे हैं संतों के सानिध्य में

अच्छी और सच्ची खबर में सबसे पहले बात महाकुंभ और साधु-संतों की. महाकुंभ में अखाड़ों और उनसे जुड़े साधु-संतों की उपस्थिति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का विशेष केंद्र होती है. करोड़ों की भीड़ के बीच इनका दिव्य व्यक्तित्व जैसे आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं. ये अखाड़े ना केवल भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के प्रतीक हैं. बल्कि समाज में नैतिकता और धर्म का प्रचार प्रसार करने वाले मुख्य स्तंभ भी हैं. और संगम नगरी में इन दिनों साधु-संत इसी उद्देश्य के साथ उपस्थित हैं. जिनमें बहुत कम आयु के साधु और साध्वी भी हैं.