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Palak Kishori: दुनिया को आध्यात्म की राह दिखाती 17 साल की कथावाचक, देखें पलक किशोरी से खास मुलाकात

रीवा की पलक किशोरी उभरती कथावाचक हैं. 17 साल की पलक भगवत गीता का वर्णन करती हैं. वो उसकी धार्मिक-आध्यात्मिक ही नहीं, वैज्ञानिक व्याख्या भी करती हैं. पलक के पिता रीवा में अधिवक्ता हैं और सरकारी कागजों में पलक की पहचान शाम्भवी मिश्रा के नाम से दर्ज है. घर में बचपन से ही पूजा-पाठ का माहौल रहा. लिहाजा पलक ने भक्ति-दर्शन का मार्ग अपना लिया. साल 2021 में पलक को रीवा के बांके बिहारी मंदिर में में श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करने का अवसर मिला और तभी से ये सिलसिला जारी है.

A 17-year-old storyteller Palak Kishori from MP's Rewa is drawing everyone's attention. Watch this show to know more about her story.