देशभर में लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जो नई फसल के आगमन और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है. गुड न्यूज़ टुडे पर एक विशेष बुलेटिन में, एंकर शगुफ्ता साहिल देव ने इस पर्व को एकजुट होकर जीवन के नए अवसरों का जश्न मनाने का मौका बताया. उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब और हरियाणा में उत्सव का माहौल रहा. चंडीगढ़ में सीआरपीएफ (CRPF) के 5 सिग्नल बटालियन के जवानों ने अपने परिवारों के साथ लोहड़ी और बटालियन का रेजिंग डे मनाया.
गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम में लोहड़ी पर्व के उल्लास को प्रस्तुत किया गया, जो पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में धूमधाम से मनाया गया. चंडीगढ़ के सीआरपीएफ कैंप से असीम बस्सी और नोएडा से नवजोत ने जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से जश्न का माहौल दिखाया. कार्यक्रम में ज्योतिष विशेषज्ञ नितीशा ने लोहड़ी के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तिल और मूंगफली जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं.
आसमान में रंग बिरंगी पतंगों के साथ आज अहमदाबाद में इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल का आगाज हो गया। प्रधानमंत्री मोदी के साथ जर्मनी के चांसलर इस भव्य कार्यक्रम का हिस्सा बने। इस काइट फेस्टिवल की पहचान अब देश के दायरे से बढ़कर अंतरराष्ट्रीय हो चुकी है। दुनिया भर के कई बड़े पतंगबाज यहां अपने हुनर की नुमाइश करने पहुंचते हैं।
प्रयागराज में चल रहे माघ मेला में आस्था के रंग गहराते जा रहे हैं। संगम की रेती पर तंबुओं का शहर कोहरे में लिपटा है. पारा लुढकता जा रहा है लेकिन इस ठिठुरने वाली सर्दी में आस्था हर मुश्किल पर भारी है लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं...लेकिन इस ठंड में अडिग हैं. कल्पवासी 6 डिग्री तापमान में भी तड़के गंगा स्नान करते हैं. उसके बाद दिन भर भजन पूजा पाठ में रमे रहते हैं। कल्पवासियों का भजन, जप-तप और साधना की शक्ति, सर्द मौसम को ही बेमानी साबित कर रही है.
गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 1026 के हमले के 1000 साल पूरे होने के अवसर पर 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का शुभारंभ हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 और 11 जनवरी को शामिल होंगे. वहीं, प्रयागराज में माघ मेला भी शुरू हो चुका है, जहां कल्पवासी संगम तट पर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बीच कश्मीर की डल झील जमने लगी है, जिससे कश्मीरी फिरन की मांग बढ़ गई है. मनोरंजन जगत में, साउथ सुपरस्टार यश के जन्मदिन पर उनकी फिल्म 'टॉक्सिक' का टीजर जारी हुआ, जबकि अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' की रिलीज की तारीख 15 मई 2026 तय की गई है. इसी बीच, हिमाचल प्रदेश की नेत्रहीन बैंकर चोंजिन आंग्मो ने माउंट एवरेस्ट फतह कर एक नई मिसाल कायम की है.
सबसे पहले बात एस एस राजामौली की फिल्म वाराणसी की. जो रिलीज से पहले ही पैन इंडिया नहीं बल्कि ग्लोबल हो चुकी है...। भारतीय सिनेमा के इतिहास में वाराणसी ने एक अलग मुकाम हासिल कर लिया है। वाराणसी पहली ऐसी भारतीय फिल्म बन गई है जिसका टीजर फ्रांस के एक थिएटर में भव्य इवेंट में लॉन्च किया गया..
पहाड़ों पर बर्फ गिरी तो हवाओं का रुख मैदानों में भी बदल गया. दिल्ली एनसीआर समेत तमाम राज्यों में इन दिनों ठंड अपने तेवर दिखा रही है। पारा लुढ़कता जा रहा है और शीतलहर का असर दिखने लगा है.
जब चर्चा 'चाय' पर हो, तो इसकी शुरूआत वहीं से होनी चाहिए जिसे हम धरती का स्वर्ग कहते हैं, बताने की जरूरत नहीं है कि बात कश्मीर की हो रही है. जहां इस वक्त कुदरत अपना करिश्मा दिखा रही है। आसमान से गिरती सफेद बर्फ ने कश्मीर का चेहरा ही बदल दिया है.
नए साल 2026 के पहले दिन भारत भर के मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. वाराणसी के काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकाल, और अयोध्या के राम मंदिर व हनुमान गढ़ी में लाखों भक्तों ने दर्शन किए. अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था पर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने जानकारी दी कि हनुमान गढ़ी को तीन सेक्टरों में बांटा गया है, जिसमें प्रवेश, दर्शन और निकास की अलग-अलग व्यवस्था है. उज्जैन में मंदिर प्रशासन ने लगभग 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई है. वहीं, माता वैष्णो देवी के दरबार में 31 दिसंबर की रात तक 45,000 से अधिक भक्त पहुंच चुके थे. गुजरात के अंबाजी शक्तिपीठ में विश्व कल्याण के लिए तीन दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया गया. कड़ाके की ठंड के बावजूद शिरडी, मुंबई के सिद्धिविनायक और जगन्नाथ पुरी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी भक्तों का उत्साह बना रहा. प्रयागराज में 3 जनवरी से शुरू होने वाले माघ मेले की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं.
साल 2025 की विदाई और नए साल 2026 के स्वागत के लिए पूरा देश उत्साह और भक्ति के संगम में डूबा हुआ है. 'चाय पे चर्चा' कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों में उमड़ रही आस्था और उल्लास पर विस्तृत चर्चा की गई. अयोध्या के राम मंदिर में लगभग दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, वहीं काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, महाकाल और वैष्णो देवी जैसे प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और सिद्धपीठों पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा है. दिल्ली के हनुमान मंदिर से लेकर नोएडा के इस्कॉन मंदिर तक आध्यात्मिक रौनक देखी जा रही है.