भारतीय सेना की बख्तरबंद रेजिमेंट ने लगभग छह शौर स्कॉड्रन को शामिल किया है। यह सेना के आधुनिकीकरण और भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। शौर स्कॉड्रन कई तरह के ड्रोन अभियानों में स्पेशलिस्ट हैं और रियल टाइम निगरानी, सटीक स्ट्राइक, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, वायु रक्षा और ड्रोन रोधी क्षमताओं में सक्षम हैं। भविष्य में हर आर्मर्ड रेजिमेंट में एक डेडीकेटेड ड्रोन प्लाटून तैनात किया जाएगा। ओडिशा में अड़तालीस साल बाद जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की इन्वेंटरी शुरू हुई है। वीडियोग्राफी और थ्री डी मैपिंग से प्रक्रिया शुरू की गई है। पहली बार जेमोलॉजिस्ट और आरबीआई अधिकारी भी इसमें शामिल हैं। आखिरी बार उन्नीस सौ अठहत्तर में गिनती हुई थी। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा उन्नीस अप्रैल से शुरू होगी। यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर खुलेंगे।